चंडीगढ़। हरियाणा के रोडवेज कर्मचारी 26 मार्च को दो घंटे विरोध प्रदर्शन करेंगे। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा व ऑल इंडिया रोड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स फेडरेशन के आह्वान पर हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन ने यह निर्णय लिया है।
निजीकरण, बेरोजगारी, महंगाई, निजी रूट परमिट जारी करने, महंगाई, नए कृषि कानूनों के खिलाफ व लंबित मांगों को लेकर कर्मचारी अपना विरोध प्रकट करेंगे। यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष इंद्र सिंह बधाना, प्रदेश महासचिव सरबत सिंह पूनिया, वरिष्ठ उप प्रधान नरेंद्र दिनोद, कोषाध्यक्ष राजपाल, उप महासचिव बलबीर जाखड़, उप प्रधान प्रदीप शर्मा, कार्यालय सचिव जयकुमार दहिया व प्रदेश प्रवक्ता श्रवण कुमार जांगड़ा ने कहा कि पेट्रोल-डीजल की कीमतें लगातार बढ़ाई जा रही हैं। इससे परिवहन सेवाओं पर भारी बोझ पड़ रहा है। सरकार 1 अप्रैल 2021 से वन नेशन- वन परमिट प्रणाली लागू करने जा रही है। इसके तहत निजी परमिट देने पर हरियाणा रोडवेज सहित सरकारी परिवहन क्षेत्र बर्बाद हो जाएगा। मोटर व्हीकल एक्ट संशोधन 2020 के सभी प्रावधानों के लागू होने से सरकारी परिवहन सेवा के निजीकरण का रास्ता साफ होगा। इसलिए सभी संगठनों, कर्मचारियों, मजदूरों के निर्णायक व सांझा आंदोलन की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान परिवहन विभाग के 1000 चालकों को सरप्लस करने का निर्णय वापस लेने, विभाग में सरकारी बसें लाने व नई पेंशन स्कीम रद्द कर पुरानी पेंशन स्कीम व कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की मांग भी की जाएगी।