पंचकूला। हर रोज पंचकूला से भिवानी जाने वाली बस को पंचकूला डिपो ने बंद कर दिया है। यह बस पांच जिलों को पंचकूला से जोड़ती थी। बिना पूर्व सूचना दिए सोमवार को बस को बंद करने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हैरान करने वाली बात यह है कि मार्च 2020 से चल रही इस बस को यातायात प्रबंधक ने ट्रायल पर होने की बात कही है। साथ ही कहा है कि इस बस की रिसीट भी कम आई है, इस कारण इसे बंद किया गया है। वहीं डिपो प्रबंधक का कहना है कि नई रोटेशन बनाकर बस को फिर से शुरू किया जाएगा।
पंचकूला डिपो से भिवानी रूट के लिए दो बस जाती हैं। पहली बस साढ़े सात बजे रवाना होती है जो शाम को वापस पंचकूला पहुंच जाती है। इसके अलावा सुबह सवा नौ बजे बस भिवानी के लिए रवाना होती है। यह बस रात को भिवानी में स्टे करती है। सुबह सवा नौ बजे ही वापस पंचकूला के लिए रवाना हो जाती है। इस बस में आमतौर पर सवारियां भी पूरी होती हैं। मगर अब डिपो ने इस बस को बंद कर दिया है।
ढाई साल से चल रही बस
भिवानी, जींद, कैथल, कुरुक्षेत्र और अंबाला जिलों से डिपो का जुड़ाव और लोगों की मांग को देखकर इस बस को मार्च 2020 में शुरू किया गया था। तब से यह बस लगातार इस रूट पर यात्रियों को सुविधा दे रही थी। मगर पंचकूला डिपो के यातायात प्रबंधक व्योम शर्मा का कहना है कि यह रूट ट्रायल बेस पर था। घाटा होने पर इसे बंद किया गया है। जबकि यह फिक्स रूट था और दोनों ही डिपो में इसके लिए समय भी निर्धारित किया गया था। ट्रायल के लिए किसी भी रूट को कुछ हफ्तों या महीनों के लिए चलाया जा सकता है, मगर यह बस ढाई साल से चल रही थी।
हर रोज सैकड़ों लोगों को आना होता है मुख्यालय
प्रदेश के ज्यादातर विभागों के मुख्यालय पंचकूला में हैं। किसी ने किसी काम से सैकड़ों की संख्या में कर्मचारी और अन्य लोग हर रोज पंचकूला आते हैं। भिवानी से आने वाले यात्रियों के लिए ये दो बस ही सीधा पंचकूला आने का माध्यम थी। अब एक ही बस पंचकूला आती है जो वहां से दोपहर को साढ़े तीन बजे चलती है। वह रात को 10 बजे के बाद पंचकूला पहुंचाती है। अगर किसी को पंचकूला में कोई काम हो तो उसे एक दिन पहले आना पड़ेगा।
यह बस ट्रायल बेस पर शुरू की गई थी। रिसीट बेहतर नहीं होने के कारण यह रूट घाटे में चल रहा था। इसी कारण इसको बंद कर दिया गया है। - व्योम शर्मा, टीएम, पंचकूला डिपो
लोगों की सुविधा को देखते हुए नई रोटेशन बनाकर रूट को फिर से शुरू किया जाएगा। इसके लिए अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। - रविंदर पाठक, जीएम, पंचकूला डिपो