दलदल और बारिश के कारण जेसीबी का काम रुका, मोरनी में निर्माण सामग्री और जरूरी सामान की आपूर्ति प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी
मोरनी। मोरनी-रायपुररानी मुख्य मार्ग पर पलासरा गांव के पास तीन दिन से बंद सड़क का काम बारिश के कारण और मुश्किल हो गया है। सड़क पर भारी दलदल और बारिश के कारण जेसीबी से मलबा हटाने का काम भी रुक गया है। मौसम साफ नहीं हुआ तो मार्ग बहाल होने में एक सप्ताह या इससे अधिक समय लग सकता है।
रास्ता लंबे समय तक बंद रहा तो मोरनी की रोजमर्रा की जरूरतों की सप्लाई के साथ निर्माण कार्य भी प्रभावित होंगे। लोक निर्माण विभाग ने सोमवार को रास्ते पर जमा मिट्टी और मलबा हटाने का काम शुरू किया था। इससे लोगों को मार्ग जल्द खुलने की उम्मीद जगी थी, लेकिन सोमवार शाम और मंगलवार को हुई बारिश के बाद सड़क कीचड़ और दलदल में बदल गई। भारी मशीनों को उतारना जोखिम भरा होने के कारण काम रोकना पड़ा।
पहले जमीन होगी मजबूत, फिर हटेगा मलबा
विभाग के सामने अब दोहरी चुनौती है। पहले सड़क को मशीन चलाने लायक बनाना होगा और इसके बाद जमा मिट्टी-मलबा हटाकर रास्ते को यातायात के योग्य किया जा सकेगा। लगातार बारिश होने पर जमीन दोबारा धंसने और दलदल बनने का खतरा बना रहेगा। ऐसे में मौसम साफ होना मार्ग बहाली के लिए सबसे अहम माना जा रहा है।
मोरनी की सप्लाई पर सीधा असर
मार्ग बंद होने से मोरनी तक कच्चा माल, निर्माण सामग्री और अन्य जरूरी सामान पहुंचाने में परेशानी हो रही है। इसका असर क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्यों पर भी पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रास्ता जल्द नहीं खुला तो रोजमर्रा की जरूरतों की आपूर्ति प्रभावित होने के साथ स्थानीय कारोबार पर भी असर पड़ सकता है।
बारिश थमी तो तेज होगा काम
स्थानीय निवासी नरेंद्र सिंह, विजय कुमार, सतीश कुमार, प्रवीन ने बताया कि मुताबिक इस मार्ग से रोजाना बड़ी संख्या में लोग आवागमन करते हैं। लगातार बारिश के कारण रास्ता खोलने की कोशिशें बार-बार प्रभावित हो रही हैं। लोगों की मांग है कि मौसम में सुधार होते ही विभाग मशीनें लगाकर मार्ग को प्राथमिकता के आधार पर बहाल करे, ताकि मोरनी क्षेत्र की आवाजाही और जरूरी सामान की सप्लाई सामान्य हो सके।
कोट
बड़ी पोकलेन मशीन उपलब्ध नहीं होने के कारण फिलहाल जेसीबी से रास्ता बहाल करने का काम किया जा रहा है। विभाग की कोशिश है कि अगले दो दिनों में रास्ता सुचारु कर दिया जाए। लगातार बारिश होने पर काम प्रभावित हो सकता है और रास्ता खोलने में अधिक समय लग सकता है। - नरेश कुमार, लोक निर्माण विभाग अधिकारी