राइट टू सर्विस एक्ट के दायरे में आने के बाद शिकायतों का निपटारा करने में रजिस्टरिंग एंड लाइसेंसिंग अथॉरिटी (आरएलए) नंबर वन बन गया है। नवंबर और दिसंबर के आंकड़ों के अनुसार आरएलए ने महीने के अंदर ही शिकायतों का निपटारा कर दिया। वहीं, अन्य विभागों का प्रदर्शन भी काफी बेहतर रहा है।
इसके अलावा नगर निगम, इस्टेट ऑफिस, चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड और डीसी ऑफिस ने भी 99 फीसदी शिकायतों का समय पर निपटारा कर दिया है। हालांकि, दिसंबर के महीने में शिकायतें निपटाने में नगर निगम थोड़ा पीछे रहा। काम की समय सीमा खत्म होने के बावजूद करीब 214 शिकायतें नहीं निपटाई जा सकीं। राइट टू सर्विस एक्ट के तहत लोग अपील अथॉरिटी के पास जाकर शिकायत कर सकते हैं।
नवंबर 2019
विभाग शिकायतें महीने में ही निपटारा समय सीमा में लंबित समय सीमा खत्म होने के बावजूद लंबित
आरएलए 15208 15208 0 0
सीएचबी 406 274 128 7
डीसी ऑफिस 2394 2274 97 23
इस्टेट ऑफिस 127 88 31 23
नगर निगम 992 939 53 0
कुल 19127 18783 309 53
दिसंबर 2019
विभाग शिकायतें महीने में ही निपटारा समय सीमा में लंबित समय सीमा खत्म होने के बावजूद लंबित
आरएलए 13767 13767 0 0
सीएचबी 413 271 125 14
डीसी ऑफिस 2421 2251 160 0
इस्टेट ऑफिस 454 319 318 46
नगर निगम 9847 9469 164 214
कुल 26903 26077 767 274
जल्द ही आरटीएस एक्ट के दायरे में होंगे यूटी के सभी विभाग
यूटी के सभी विभाग जल्द ही राइट टू सर्विस एक्ट के दायरे में आ जाएंगे। यूटी राइट टू सर्विस कमीशन इसकी तैयारी कर चुका है। दूसरे फेज के लिए कमीशन चंडीगढ़ पुुलिस, एक्साइज एंड टैक्सटेशन, खेल, स्वास्थ्य, श्रम, शिक्षा विभाग में आने वाली सर्विस की सूची तैयार कर चुका है।
इसके साथ ही विभागों से भी इनकी तरफ से दी जाने वाली सर्विस की जानकारी मांगी गई है। यूटी राइट टू सर्विस कमीशन के चेयरमैन केके जिंदल ने बताया कि चंडीगढ़ पुलिस और श्रम विभाग की तरफ से जानकारी मुहैया करा दी गई है। सभी विभागों से जानकारी मिलने के बाद नोटिफिकेशन के लिए चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर को भेजा जाएगा।
वर्तमान में 188 सर्विस आरटीएस एक्ट के अंदर
पहले फेस में नगर निगम, डीसी ऑफिस, रजिस्टरिंग एंड लाइसेंसिंग अथॉरिटी (आरएलए), इस्टेट ऑफिस, चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) को शामिल किया गया था। पांचों विभाग की कुल 188 सर्विस वर्तमान में आरटीएस के अंदर आती हैं।
इनमें नगर निगम के 90, डीसी ऑफिस की 39, आरएलए के 19, इस्टेट ऑफिस के 17, चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के 11 और एसटीए के 12 सर्विस को शामिल किया गया था। एक्ट के अंदर आने वाली इन सर्विस के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है।
सभी विभागों ने काफी बेहतर काम किया है। 99 फीसदी निपटान दर है, जोकि अन्य शहरों के मुकाबले काफी अच्छा है। अभी शुरुआत है आने वाले समय में यह 100 फीसदी होगा। जिन लोगों के काम समय पर नहीं हुए हैं, वह पहले अपील अथॉरिटी के पास जाकर अपनी बात रख सकते हैं।
- केके जिंदल, चेयरमैन, यूटी राइट टू सर्विस कमीशन