कौशल्या बांध और इससे जुड़ा क्षेत्र पहले से संवेदनशील है। सिंचाई विभाग की विजिलेंस जांच में बांध को वाटर बम बताया जा चुका है। इसके बावजूद आसपास निर्माण जारी है। झाझरा में नदी और बरसाती नालों के बहाव क्षेत्र में निर्माण और कब्जे की शिकायतें भी सामने आई हैं।
पंचकूला प्रशासन ने डेंजर जोन से अवैध कब्जे हटाने के निर्देश दिए हैं लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि संयुक्त पैमाइश कब होगी और कितने निर्माण नियमों के दायरे में हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पहले जारी नोटिस के बावजूद निर्माण पूरी तरह नहीं रुका और कार्रवाई कागजों तक सीमित रहने से निर्माणकर्ताओं को स्थायी ढांचे खड़े करने का समय मिलता गया।