चंडीगढ़/फिरोजपुर। विजिलेंस ब्यूरो ने छह साल पहले 2500 रुपये रिश्वत लेने और इंतकाल की जमाबंदी संबंधी फर्जी दस्तावेज तैयार करने के आरोप में सेवामुक्त पटवारी इकबाल सिंह को वीरवार गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ थाना विजिलेंस फिरोजपुर रेंज में भ्रष्टाचार निरोधी एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। आरोपी के खिलाफ राजेश कुमार निवासी पंजे के उताड़ जिला फिरोजपुर ने शिकायत दी थी।
शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपी पटवारी फाजिल्का जिले के राजस्व हलका सिटी जलालाबाद में तैनात था। उस समय आरोपी ने 4 मरले के प्लॉट जिसकी उन्होंंने अपनी माता कृपा रानी से ट्रांसफर डीड द्वारा रजिस्टरी करवाई थी, उसका इंतकाल दर्ज करवाने के एवज में 2500 रुपये रिश्वत ली थी। जब शिकायतकर्ता ने प्लॉट पर एक बैंक से कर्ज लेने के लिए जमाबंदी की कॉपी दी तो उसे बैंक अधिकारियों से पता लगा कि प्लॉट के दस्तावेज जाली हैं।
शिकायत की प्राथमिक जांच के बाद विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने यह दस्तावेज मोहाली स्थित फोरेंसिक साइंस लैब में पड़ताल के लिए भेजे तो पता लगा कि उक्त पटवारी ने शिकायतकर्ता राजेश कुमार को जाली नकल दस्तावेज जारी किए थे।
गौरतलब है कि यह अपनी तरह का पहला है, जब छह साल पहले रिश्वत लेने के मामले में केस दर्ज हुआ है। वहीं, इससे उन लोगों को भी उम्मीद जगी है जिन्होंने कई साल पहले विजिलेंस को शिकायतें दी थीं लेकिन उन पर अमल अभी तक नहीं हो पाया है।