चंडीगढ़। जूलॉजी व बॉटनी के सहायक प्रोफेसरों की भर्ती का परिणाम पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया है। हाईकोर्ट ने जेनेटिक्स में मास्टर डिग्रीधारकों को बॉटनी व जूलॉजी विषय के लिए योग्य नहीं माना और हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) को नए सिरे से मेरिट सूची तैयार करने का आदेश दिया है।
सुरेंद्र कुमार व अन्य ने याचिका में बताया था कि आयोग ने 2016 में 29 विषयों के 1647 सहायक प्रोफेसरों की भर्ती निकाली थी। परिणाम सामने आया तो पता चला बॉटनी के 42 व जूूलॉजी के 40 सहायक प्रोफेसर पद के लिए जेनेटिक्स व ह्यूमन जेनेटिक्स विषय में पोस्ट ग्रेजुएट आवेदकों ने भी स्क्रीनिंग टेस्ट पास किया है। इसकेबाद एचपीएससी ने उच्चतर शिक्षा विभाग को पत्र लिखा तो विभाग ने जेनेटिक्स में पोस्ट ग्रेजुएट उम्मीदवारों को योग्य नहीं माना। बाद में एक्सपर्ट कमेटी ने इन्हें योग्य मान लिया। इसके बाद प्रभावित आवेदकों ने याचिका दाखिल कर दी। हाईकोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा है कि विज्ञापन केअनुसार केवल बॉटनी व जूलॉजी में पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री धारक ही योग्य थे। किसी समकक्ष योग्यता का विज्ञापन में जिक्र नहीं था। हाईकोर्ट ने सभी याचिकाओं को स्वीकार कर परिणाम को रद्द कर दिया।