चंडीगढ़। सीटू की राज्य अध्यक्ष सुरेखा व महासचिव जय भगवान ने कहा कि किसान नेताओं पर दमनात्मक कार्रवाई लोकतंत्र की हत्या है। दशहरे पर किसान संगठनों ने नए कृषि कानूनों के विरोध में प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के पुतले दहन करने का एलान किया था। इससे चौकन्नी पुलिस ने भिवानी में किसान नेता दयानंद पूनिया व अन्य को गिरफ्तार किया। कई नेेताओं को गिरफ्तार करने के लिए उनके घरों पर छापे मारे गए। पुलिस ने पानीपत सीटू कार्यालय में एकत्रित हो रहे किसानों को रोकने के लिए कार्यालय का घेराव भी किया।
सीटू के मुताबिक किसान विरोधी तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन कर रहे हैं। इसी कड़ी में हरियाणा में भी किसानों का आंदोलन चल रहा है। किसानों को डराने-धमकाने के लिए किसान नेताओं के घरों पर छापे मारे गए एवं कई जिलों में किसान नेताओं की गिरफ्तारियां की गईं। कई जिलों में दफ्तरों का भी घेराव किया गया। सीटू हरियाणा राज्य कमेटी पुलिस की कार्रवाई की निंदा करती है। किसानों के ऊपर की गई कार्रवाई को किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। सीटू गिरफ्तार किसान नेताओं की तुरंत रिहाई की मांग करती है।
सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा व महासचिव सतीश सेठी ने किसान नेताओं की गिरफ्तारियां एवं घरों पर छापे मारने को अनुचित करार दिया है। उन्होंने आग्रह किया कि किसान नेताओं को तुरंत रिहा किया जाए।