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हरियाणा : प्रदेश में फसल खराब की विशेष गिरदावरी की 550 करोड़ के नुकसान की रिपोर्ट, सरकार ने दोबारा सत्यापन के लिए भेजा

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चंडीगढ़। खरीफ के सीजन में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से खराब हुई फसल का मुआवजे को लेकर कराई गई विशेष गिरदावरी की प्रारंभिक रिपोर्ट सरकार के पास पहुंच गई है। इसमें करीब 550 करोड़ रुपये का मुआवजा दर्शाया गया है। हालांकि, कुछ जिलों का डाटा मिस मैच होने और कई जिलों में अधिक संख्या फसल में खराब दर्शाने के कारण अब दोबारा से डीसी से इस रिपोर्ट को सत्यापन के लिए भेजा है। सत्यापन के बाद ही किसानों को मुआवजा मिल सकेगा।
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सितंबर और अक्तूबर माह में हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि के कारण धान, कपाल और अन्य फसलों को नुकसान हुआ था। 25 अक्तूबर को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने किसानों के नुकसान की भरपाई के लिए विशेष गिरदावरी के आदेश दिए थे। फसल मुआवजे को लेकर एक लाख से अधिक किसानों ने आवेदन किया है। सीएम के आदेश के बाद प्रदेश में विशेष गिरदावरी कराई गई। प्रदेश के अलग अलग जिलों से डीसी ने रिपोर्ट तैयार करके राजस्व विभाग के एसीएस को भेज दी है। हालांकि, मुख्यालय द्वारा जब कृषि विभाग और राजस्व विभाग के डाटा का मिलान किया गया तो मिलान सही नहीं बैठा। हिसार, फतेहाबाद, रेवाड़ी, चरखीदादरी व महेंद्रगढ़ में अधिक संख्या में फसल खराबा दिखाया गया है। रिपोर्ट के आधार पर करीब 550 करोड़ रुपये का फसल मुआवजा बनता है। इतनी मोटी रकम में मुआवजा बनने के कारण इस रिपोर्ट को दोबारा से डीसी को सत्यापन के लिए भेजा है। संबंधित जिले के डीसी दोबारा से मिलान करके रिपोर्ट को भेजेंगे, इसके बाद ही उन किसानों को ही सरकार मुआवजा देगी, जिन्होंने फसल का बीमा नहीं कराया हुआ। इस बारे में वित्तायुक्त व राजस्व विभाग के एसीएस पीके दास ने बताया कि रिपोर्ट को सत्यापन के लिए जिलों को भेजा है। कुछ जिलों से रिपोर्ट आना बाकी है। जल्द ही इसकी समीक्षा करके किसानों को मुआवजा दिया जाएगा।
सरकार किसानों को कब देगी मुआवजा : सैलजा
हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष कुमारी सैलजा ने कहा कि भाजपा-जजपा गठबंधन की किसान विरोधी सरकार किसानों को खरीफ की फसलों के खराबे का मुआवजा नहीं देना चाहती। प्रदेश में एक लाख से अधिक किसानों की कपास, धान समेत अन्य फसल खराब हुई, लेकिन विशेष गिरदावरी समेत अन्य रिपोर्ट जिलों तक ही अटकी हुई है। मुआवजा न देने के चक्कर में सरकार बहाना बना रही है कि उसके पास अभी तक डीसी कार्यालयों से रिपोर्ट नहीं पहुंची है। सैलजा ने कहा कि किसानों के पास रबी की फसलों में खाद, पानी, कीटनाशक तक के लिए रुपये नहीं बचे हैं। उसकी आस सरकार से मिलने वाली मुआवजा राशि बनी हुई है।
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