पंजाब के गांवों में आगामी बरसात के मौसम को ध्यान में रखते हुए पानी के निकासी की समस्या से निपटने के लिए तालाबों की सफाई की व्यापक मुहिम शुरू की जा रही है। शनिवार को जारी बयान में ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री तृप्त राजिन्दर सिंह बाजवा ने बताया कि पिछले साल की तरह इस साल भी गांवों में तालाबों का गंदा पानी निकालने, कीचड़ निकालने और नवीनीकरण का काम पहल के आधार पर किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पिछले साल राज्य के 14919 तालाबों में से 12244 तालाबों में गंदा पानी निकालने का काम कराया गया था और 7345 तालाबों से गाद निकाली गई थी। इसी तर्ज पर इस साल भी मई और जून महीने में तालाबों की सफाई की मुहिम राज्य भर में शुरू की जा रही है।
पंचायत मंत्री ने बताया कि यह प्रोजेक्ट मगनरेगा के तहत मुकम्मल किया जाएगा ताकि कोरोना महामारी के मौजूदा संकट के बीच गांवों के लोगों को रोजगार के मौके मुहैया करवाए जा सकें। उन्होंने बताया कि पिछले साल तालाबों की सफाई के दौरान 21,22,032 मानवीय दिहाड़ियां पैदा की गई थी। कोविड पाबंदियों के चलते मगनरेगा के अंतर्गत रोजगार के लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए राज्य भर के अधिकारियों को मगनरेगा कामगारों की रजिस्ट्रेशन मुहिम चलाने के लिए भी हिदायत दी गई है।
इस प्रोजेक्ट को तुरंत लागू करने के लिए अतिरिक्त मुख्य सचिव और विभाग की वित्तीय कमिश्नर सीमा जैन की तरफ से जिला और ब्लॉक स्तर के अधिकारियों को वीडियो कान्फ्रेंस के जरिये हिदायतें जारी कर दी गई हैं। सीमा जैन ने बताया कि इन कार्यों पर पंचायतों को अपने वित्तीय स्रोतों से प्राप्त हुई आमदन में से खर्च करने की मंजूरी दे दी गई है। उन्होंने साथ ही बताया कि गांवों में लावारिस पशुओं से होने वाले हादसों से निजात दिलाने के लिए उनको रेडियम रिफ्लेक्टर वाले स्ट्रेप लगाने की मुहिम भी शुरू की जा रही है। इसी तरह आवारा कुत्तों की समस्या हल करने के लिए उनकी नसबंदी का काम भी शुरू किया जा रहा है।