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भगवान ब्रह्मा से हुई है धर्म की उत्पत्ति : आचार्य संदीप

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संवाद न्यूज एजेंसीपंचकूला। सेक्टर-15 के रघुनाथ मंदिर में सात दिवसीय श्रीश्याम कथा और सहस्त्रचंडी महायज्ञ के पहले दिन श्रद्धालुओं को धर्म की उत्पत्ति, भगवान के पृथ्वी पर अवतार, देवी अनुसुइया और भगवान श्री श्याम की कथा सुनाई गई। पहले दिन आचार्य संदीप शास्त्री ने बताया कि धर्म की उत्पत्ति भगवान ब्रह्मा से हुई है। ब्रह्मा के शरीर के दाएं अंग से पुरुष और बाएं अंग से महिला की उत्पत्ति हुई है। बाएं अंग से उत्पत्ति के कारण महिला को अर्धांगिनी कहा जाता है।
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उन्होंने बताया कि हमेशा माता सीता भगवान राम के बाईं और माता पार्वती भी भगवान शंकर की बाईं तरफ दिखाई पड़ती हैं। उन्होंने बताया कि जब पृथ्वी पर धर्म की हानि होती है तो भगवान किसी न किसी रूप में पृथ्वी पर अवतार लेते हैं। इसके साथ उन्होंने कहा कि देवी अनुसुइया की कथा से प्रेरित होकर हर महिला को गृहस्थ जीवन का सही ढंग से पालन करना चाहिए। उन्होंने कथा के मध्य में बाबा श्याम की कथा सुनाते हुए कहा कि एक अंग्रेज परेशान होकर पूरी दुनिया में भ्रमण कर रहा था। उसकी समस्या का निदान नहीं हो रहा था, अंत में थक हार के वह खाटू नरेश के दरबार में पहुंचा। इसके बाद से उसकी समस्या कम हो गई।
तब से श्री श्याम भगवान को हारे का सहारा कह जाने लगा। आचार्य संदीप ने बताया कि जिस घर में माता-पिता की सेवा की जाती है उस घर में भगवान वास करते हैं। कथा के दौरान रघुनाथ मंदिर के महासचिव श्याम लाल बंसल, किरण बंसल, मोनिका बंसल, साहिल बंसल, प्रवीन मित्तल, तरसेम मित्तल ,रवि गर्ग, सुशीला बंसल, और तरसेम गोयल आदि सदस्य मौजूद रहे। इस सात दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन बनभौरी देवी परिवार पंचकूला, जीरकपुर, बलटाना की ओर से किया गया है।
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