पंचकूला। संविधान भारत के लोगों की सामूहिक चेतना और कल अतीत है इसमें हमारा अतीत, वर्तमान और भविष्य है। यह हमारे स्व-व्यवस्था संघर्ष का लेखा-जोखा है। यह हमारी पिछली पीढ़ी की वीरता की गाथा है जिसने हमें स्वतंत्रता का सौभाग्य दिया। यह विचार सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश स्वतंत्र कुमार ने आईएएस एसोसिएशन हरियाणा द्वारा आयोजित दी लेक्चर एवं इंटरेक्शन सेशन 75 इयर्स ऑफ दी कांस्टीट्यूशन ऑफ इंडिया, इंपैक्ट ऑन पब्लिक पॉलिसी एंड सिविल सर्विस थीम के दौरान व्यक्त किए। जिम खाना क्लब में सोमवार को आयोजित कार्यक्रम में भारतीय संविधान नामक रचित पुस्तक का विमोचन भी किया गया। आईएएस एसोसिएशन की ओर से आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित अग्रवाल ने पूर्व न्यायाधीश स्वतंत्र कुमार एवं फाउंडिंग वीसी ओपी जिंदल यूनिवर्सिटी डॉ. सीरीज कुमार को स्मृति चिन्ह भेंट किया। पूर्व न्यायाधीश स्वतंत्र कुमार ने बताया कि हमें संविधान की कहानी को सुनना ही नहीं बल्कि उससे प्रेरणा ग्रहण करनी चाहिए। मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद ने संविधान के बारे में विस्तार से जानकारी दी और प्रशासनिक एवं न्यायिक अधिकारियों के ड्यूटी और कर्तव्य के बारे में भी अवगत करवाया। एमडीसी जिमखाना क्लब में आयोजित कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद, एसीएस सुधीर राजपाल, एसीएस राजा शेखर वूंदरू, महानिदेशक विकास एवं पंचायत डीके बेहरा, विशेष सचिव प्रियंका सोनी, विशेष सचिव पंकज, अतिरिक्त उपायुक्त पंचकूला सचिन गुप्ता, पूर्व मुख्य सचिव धर्मबीर सिंह, डीडी आर्कियोलॉजी एवं म्यूजियम बनानी भट्टाचार्य, डॉ राजेश सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।