चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आरोपी को नियमित जमानत दे दी है। हाईकोर्ट ने कहा कि याची पिछले 3 महीने से जेल में है और उसके खिलाफ अन्य कोई आपराधिक मामला नहीं है। ऐसे में सजा से पहले उसे हिरासत में रखने की जरूरत नहीं है।
याचिका दाखिल करते हुए प्रशांत कुमार ने एडवोकेट मेनका गुप्ता के माध्यम से हाईकोर्ट को बताया कि याची व पीड़िता के बीच संबंध सहमति से बने थे। दोनों एक-दूसरे के करीब थे और जब उनके बीच का रिश्ता टूटा तो याची के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज करवा दिया गया। याची के खिलाफ आनंदपुर साहिब में नवंबर, 2023 में एफआईआर दर्ज की गई थी और तभी से वह जेल में है। याची ने कहा कि इस मामले में पुलिस ने 19 गवाह बनाए हैं और ट्रायल पूरा होने में समय लगेगा। ऐसे में उसको जमानत का लाभ दिया जाए।
पंजाब सरकार ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि याची पर गंभीर आरोप हैं और ऐसे में उसे जमानत देना ठीक नहीं है। हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद कहा कि केस के तथ्यों पर गौर कर ट्रायल कोर्ट फैसला सुनाएगा। याची 22 साल का युवक है और पिछले 3 माह से जेल की यातना भोग रहा है। उसके खिलाफ कोई अन्य आपराधिक मामला भी नहींं है और ऐसे में उसे सजा से पहले इससे अधिक समय तक रखना ठीक नहीं है। हाईकोर्ट ने याचिका को मंजूर करते हुए याची को नियमित जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है।