रायपुररानी। मंगलवार सुबह रायपुररानी के खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय में मुख्यमंत्री उड़नदस्ता टीम की अचानक हुई छापेमारी से कार्यालय में अफरा-तफरी मच गई। उड़नदस्ता टीम ने करीब 9:30 बजे से विभिन्न रिकॉर्ड, फाइलों और दस्तावेजों की गहन जांच शुरू की, जो कई घंटों तक चलती रही। सूत्रों के अनुसार, टीम ने पंचायत और विकास कार्यों से संबंधित कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जांच कर कुछ रिकॉर्ड अपने साथ भी ले गए। कार्रवाई के चलते आम लोगों के कामकाज में भी बाधा उत्पन्न हुई और उन्हें लंबा इंतजार करना पड़ा।
जांच में खुलासा हुआ कि सुबह 9 बजे दो कर्मचारी अनुपस्थित मिले, जबकि बाकी कर्मचारियों की उपस्थिति 10 बजे के बाद दर्ज की गई। मुख्यमंत्री विंडो पर लंबित शिकायतों की भी जांच की गई, जिसमें तीन शिकायतें दो साल से अधिक समय से लंबित पाई गईं। इसके साथ ही टीम ने पाया कि स्टॉक रजिस्टर व्यवस्थित तरीके से मेंटेन नहीं किए गए थे और कार्यालय की सफाई व्यवस्था भी काफी कमजोर थी। इस पर बीडीपीओ परमनंदन ने आश्वासन दिया कि कार्यालय की सफाई और अन्य व्यवस्थाओं को जल्द ही दुरुस्त किया जाएगा। छापेमारी के दौरान निरीक्षक ओमपाल, ड्यूटी मजिस्ट्रेट राजेश खोड़ा, डीएफओ मत्स्य विभाग पंचकूला, उपनिरीक्षक हितेंद्र गौतम, उपनिरीक्षक विक्रम, एएसआई संजय और मुख्य सिपाही प्रदीप मौजूद रहे।