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Panchkula News: आयुष्मान योजना के तहत इलाज पाने वाले 2000 मरीजों के रिकॉर्ड की जांच होगी

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स्वास्थ्य विभाग ने सिविल अस्पताल में काम कर रहे पीपी संचालक से दो सप्ताह में पूरी रिपोर्ट मांगी
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बिना भर्ती मरीजों को कैशलेस सुविधा नहीं मिलने पर भी उठे सवाल
एक मरीज की दोहरी एंट्री और दावों की होगी जांच
हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को 60 दिन में फैसला लेने के निर्देश दिए

माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत सिविल अस्पताल में इलाज कराने वाले करीब 2000 मरीजों के रिकॉर्ड की जांच होगी। स्वास्थ्य विभाग ने योजना के तहत लाभ लेने वाले मरीजों की एंट्री और दावों की पड़ताल के लिए अस्पताल के पीपी संचालक से पूरा रिकॉर्ड तलब किया है। संचालक को दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। इस बीच पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने भी योजना में कथित अनियमितताओं की जांच संबंधी मांग पर केंद्र सरकार को 60 दिन में फैसला लेने का आदेश दिया है।

स्वास्थ्य विभाग को आशंका है कि कहीं किसी मरीज की एक ही समय में दो बार एंट्री तो नहीं की गई या बाद में दोबारा अलग पंजीकरण दिखाकर लाभ लिया गया। इसी पहलू को ध्यान में रखते हुए रिकॉर्ड की जांच कराई जा रही है। योजना शुरू होने के बाद से अब तक करीब 2000 मरीज पंजीकृत हो चुके हैं।
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अस्पताल में आयुष्मान कार्ड के माध्यम से कुत्ता काटने के मामलों, हार्ट सेंटर, आर्थोपेडिक्स, सर्जरी, सीटी स्कैन, गायनी और कार्डियक उपचार सहित विभिन्न सेवाओं का लाभ दिया जाता है। विभाग अब इन मरीजों की एंट्री का मिलान कर यह पता लगाएगा कि किस मरीज को कब और कितना लाभ मिला।
सड़क हादसों, सिर में चोट, ब्रेन स्ट्रोक और अन्य गंभीर मामलों में मरीजों को तत्काल सीटी स्कैन, एमआरआई, एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी जैसी सुविधाओं की आवश्यकता पड़ती है। कंपनी संचालक ने शपथपत्र देकर तय समय में पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।

अस्पताल में कैशलेस सुविधा पर भी सवाल
स्वास्थ्य विभाग ने एमआरआई और सीटी स्कैन केंद्र पीपी मोड पर संचालित कर रखे हैं। वहीं पीपी मॉडल पर चल रहे हार्ट सेंटर में लंबित भुगतान और बिल विवाद के कारण आयुष्मान कार्ड धारकों के कार्डियक उपचार पर असर पड़ा है।

विभाग की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार अब केवल भर्ती मरीजों को ही आयुष्मान, बीपीएल और अन्य स्वास्थ्य योजनाओं के तहत मुफ्त जांच सुविधा मिल रही है। ऐसे में बिना भर्ती मरीजों को कैशलेस सुविधा नहीं मिलने से मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

हिमाचल में भी सामने आ चुके हैं अनियमितताओं के मामले
हिमाचल प्रदेश में आयुष्मान योजना के कथित उल्लंघन के मामलों में 8937 आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड रद्द किए जा चुके हैं। वहीं हिमकेयर योजना में 100 करोड़ रुपये से अधिक के कथित घोटाले का मामला भी सामने आया था, जिसमें निजी अस्पतालों पर फर्जी ऑपरेशन दिखाकर सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोप लगे थे। मामले की जांच जारी है।

हाईकोर्ट ने केंद्र को दिए 60 दिन
चंडीगढ़ में आयुष्मान भारत-पीएमजेएवाई में कथित अनियमितताओं और फर्जी पंजीकरण तथा दावों की स्वतंत्र जांच की मांग को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्णय लेने का निर्देश दिया है। अदालत ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के सक्षम प्राधिकारी को 60 दिन का समय देते हुए याचिका का निपटारा कर दिया।
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कोट
आयुष्मान स्कीम के तहत लाभार्थियों के बारे में हमने कंपनी से डाटा फाइलें मांगी हैं। इस योजना के शुरू होने से अब तक तकरीबन 2000 मरीजों का इलाज हो चुका है। कंपनी की ओर से शपथपत्र दिया गया है।
- डॉ. आरएस चौहान, पीएमओ, जिला स्वास्थ्य विभाग, पंचकूला
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