अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। स्वास्थ्य विभाग ने क्वालिटी टेस्ट में फेल 112 दवाओं को अस्पतालों, मेडिकल स्टोर से वापस मंगवाने के निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके साथ ही विभाग ने हर माह दवाओं का कवालिटी टेस्ट करेगा। दवाएं टेस्ट में फेल होती है तो सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की रिपोर्ट के बाद यह कार्रवाई की गई है। सीडीएससीओ ने इन दवाओं के क्वालिटी टेस्ट में फेल होने की जानकारी दी थी।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि वह नियमित रूप से अब दवाओं का टेस्ट करवाया जाएगा और फेल होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पहले भी वह दवाओं बनाने वाली फैक्टरियों के खिलाफ कार्रवाई कर चुके हैं और आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। इसके साथ एफआईआर भी दर्ज करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि औषधि नियंत्रण अधिकारियों व चिकित्सा कर्मचारियों को भी इस बारे में निर्देश जारी किए गए हैं कि इन दवाओं के इस्तेमाल व बिक्री नहीं होनी चाहिए। क्वालिटी टेस्ट में फेल होने वाली 112 में पंजाब में बने तीन कफ सिरप समेत 11 दवाएं भी शामिल थीं। रिपोर्ट के अनुसार दवाओं के केंद्रीय प्रयोगशालाओं में 52 और राज्य प्रयोगशालाओं में 60 नमूने मानक के अनुरूप नहीं पाए गए। जांच में मानक से कम या फर्जी दवा मिलने पर उसे तुरंत बाजार से हटाया जाता है।