चंडीगढ़। किशोरी को अगवा कर रेप करने के मामले में आरोपी को एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज पूनम आर जोशी की अदालत ने बुधवार को दोषी करार कर दिया। दोषी की पहचान बिहार निवासी धरम कुमार (22) के रूप में हुई है, जो कि चंडीगढ़ में काम करता था। पुलिस ने आरोपी पर आईपीसी की धारा 363, 366, 376(2) और पोस्को एक्ट की धारा 6 के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया गया था। 26 अगस्त को सजा का फैसला सुनाया जाएगा।
मामला 28 सितबंर 2018 का है। 15 वर्षीय नाबालिग के पिता ने पुलिस को शिकायत दी थी कि वह और उनकी पत्नी किसी काम से घर से बाहर गए हुए थे। शाम को जब वह घर पहुंचे तो उनकी बेटी घर पर नहीं थी। उन्होंने देर रात तक इंतजार किया, साथ ही आसपास के लोगों से पूछा लेकिन बेटी का कोई पता नहीं चला। पुलिस को बताया कि बेटी ने अपने पिता को बताया था कि उनका पड़ोसी धरम कुमार पीड़िता को धमकी दे रहा था। पिता ने धरम कुमार पर आरोप लगाया कि उसने ही उनकी बेटी को शादी का झांसा देकर किडनैप किया होगा। जांच के बाद पुलिस ने 6 अक्तूबर 2018 को आरोपी को बिहार से गिरफ्तार कर नाबालिग को हिरासत में ले लिया था। पीड़िता का मेडिकल कराने पर पाया गया कि उसका रेप हुआ है। बचाव पक्ष के वकील ने तर्क दिया कि आरोपी को गलत फंसाया गया है। दोनों पक्ष की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार दिया।