फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रक्षा बंधन : भाइयों ने बहनों, संगठनों ने पेड़ों की रक्षा का लिया संकल्प, मिठाइयों और राखियों की दुकानों के अलावा बस स्टैंड पर रही भीड़

विज्ञापन
विज्ञापन
पंचकूला। रक्षाबंधन का पर्व जिले में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी जबकि भाइयों ने बहनों को उपहार भेंट किए। इस मौके पर स्कूलों ने ऑनलाइन और संगठनों ने पौधों को राखी बांधकर उनकी रक्षा का संकल्प लिया। रक्षाबंधन के मद्देनजर हरियाणा रोडवेज की बसों में महिलाओं की भीड़ नजर आई। हरियाणा रोडवेज परिवहन निगम ने सभी महिलाओं को रक्षाबंधन के मद्देनजर फ्री सफर करवाया। पंचकूला से 70 बसें चलाई गईं। इसमें 30 बसें स्थानीय जबकि 40 बसें लंबे मार्ग पर चलाई गईं। बस स्टैंड से रायपुररानी, कालका, पिंजौर, बरवाला और मोरनी जाने वालों की भी भीड़ रही। रक्षाबंधन के मद्देनजर सुबह अन्य दिनों की अपेक्षा ज्यादा चहल-पहल थी। मिठाइयों की दुकानों पर लोगों की भीड़ लगी थी।
विज्ञापन

रक्षाबंधन पर एनजीओ परिवर्तन के सदस्यों ने पेड़ों को राखी बांधी। परिवर्तन के सदस्यों ने कहा कि पेड़ों को राखियां इस वजह से बांधी गईं क्योंकि पेड़ ही जीवन हैं। उनको बचाना हमारा कर्तव्य है। सुबह सेक्टर-10 स्थित एक पेड़ पर लोगों का उत्साह देखते ही बनता था। परिवर्तन की अपील पर लोग सुबह से ही पेड़ों की रक्षा के लिए उन्हें राखी बांधने पहुंच गए थे। इसके साथ ही पेड़ों की रक्षा का वचन लेकर सभी ने पौधों के साथ सेल्फी भी ली। दिनभर 250 लोगों ने पेड़-पौधों को राखी बांधी। परिवर्तन की फाउंडर रेणुका शर्मा ने कहा पेड़ ही हमारी धरोहर हैं और यही हमारा भविष्य है। पंचकूला की अन्य सामाजिक संस्थाओं ने भी यहां पर राखियां बांधी। इस मौके पर पंचकूला के मेयर कुलभूषण गोयल और हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने भी सभी भाई बहनों को रक्षाबंधन की बधाई दी।
कोविड के निर्देशों को ध्यान में रखकर चलाई बसें
पंचकूला। रक्षाबंधन पर बहनों ने आधार कार्ड और टीकाकरण के संदेश और सर्टिफिकेट के साथ हरियाणा रोडवेज की बसों में सफर किया। हालांकि रोडवेज की तरफ से सभी महिलाओं को फ्री सफर करवाया गया। रविवार रात 12 बजे तक महिलाओं को फ्री बस की सेवा दी गई। हरियाणा रोडवेज परिवहन निगम पंचकूला डिपो के जीएम डॉ. विनेश कुमार ने बताया कि बस के सफर के लिए महिला यात्रियों के लिए 70 बसें चलाई गईं। इसमें कोविड के नियमों का ध्यान रखा गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें