मानसून की पहली बारिश के जलभराव से पंचकूला में जनजीवन थम गया। कई स्थानों पर जाम की स्थिति बन गई। इतना ही नही, पंचकूला के कई सेक्टरों और चौक पर पानी भरने की वजह से गाड़ियों का चलना मुश्किल हो गया। सेक्टर 19 के रेलवे लाइन के किनारे रहने वालों के लिए भी बारिश परेशानी लेकर आई।
पंचकूला के कुछ सेक्टरों की गलियों में दो फीट तक पानी जमा हो गया। सेक्टर 19 से जीरकपुर को जाने वाली सड़क पर जलभराव की स्थिति रही। जिसकी वजह से राहगीरों और दुपहिया वाहनों का निकलना मुश्किल हो गया। यही स्थिति पंचकूला के इंडस्ट्रियल एरिया की रही। इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 में सड़कों के न बने होने के कारण आम आदमी और उद्यमियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। उद्यमियों का कहना था कि बारिश के पहले यहां सड़क की रीकारपेटिंग की जानी चाहिए थी। लेकिन रीकारपेटिंग न होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रीकारपेटिंग भी बारिश में उखड़ी
पंचकूला में नगर निगम द्वारा इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 और 2 की डिवाइडिंग पर करवाई गई रीकारपेटिंग भी बारिश के कारण उखड़ गई। निगम द्वारा रीकारपेटिंग सेक्टर-19 से इंडस्ट्रियल एरिया की ओर आने वाली सड़क पर एक माह पहले ही करवाई गई थी।
12 घंटे में बदला घग्गर का नजारा
घग्गर का नजारा 12 घंटे में ही बदल गया। एक ओर यहां का पानी उफान पर आ गया है तो वहीं दूसरी ओर एडीसी के आदेश के बावजूद घग्गर किनारे बनी झुग्गियों को हटाया नहीं गया है। घग्गर पर भी लोग विसर्जन का सामान नीचे उतरकर कर रहे हैं। गौरतलब है कि शुक्रवार को घग्गर में पानी एकदम कम था, लेकिन शनिवार को बारिश के बाद घग्गर का पानी एकदम उफान पर आ गया। डीसी डा. गरिमा मित्तल ने कहा कि बारिश में बाढ़ के खतरे से बचाव के लिए इंतजाम कर लिए हैं। इसके लिए टीमें भी बना दी गई हैं और लगातार घग्गर पर नजर रखने के लिए कर्मचारी भी तैैनात कर दिया गया है। जिससे लगातार रिपोर्ट ली जा रही है।