सावन के पहले सोमवार पर हजारों श्रद्धालुओं ने चढ़ाया जल, हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजा प्राचीन शिवालय
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। सावन के पहले सोमवार पर सकेतड़ी स्थित प्राचीन महादेव मंदिर में आस्था का ऐसा संगम देखने को मिला कि सुबह की पहली किरण के साथ ही शिवभक्तों की कतारें लग गईं। भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक के लिए श्रद्धालु तड़के चार बजे से मंदिर पहुंचने लगे। दिनभर हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर शिवमय बना रहा। हजारों श्रद्धालुओं ने शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र और फल अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि व खुशहाली की कामना की।
मंदिर में सुबह से ही अखंड कीर्तन का आयोजन किया गया, जिसमें महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। शिव भजनों की गूंज के बीच श्रद्धालु भक्ति में लीन नजर आए। इस दौरान मंदिर परिसर में विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया और सेवा कार्यों में सहयोग दिया।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए किए विशेष इंतजाम
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रबंधन की ओर से दर्शन व्यवस्था, बैठने, पेयजल और कतार प्रबंधन के विशेष इंतजाम किए गए। व्यवस्थाओं के कारण श्रद्धालुओं को दर्शन करने में किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।
मंदिर के पुजारी दिनेश शर्मा ने बताया कि सावन का पहला सोमवार भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष महत्व रखता है। इस दिन श्रद्धापूर्वक जलाभिषेक और पूजा करने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है। उन्होंने बताया कि पंचकूला के अलावा हरियाणा, हिमाचल, पंजाब और चंडीगढ़ से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु सकेतड़ी मंदिर पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने भी किए दर्शन, युवाओं से नशे से दूर रहने का आह्वान
सकेतड़ी महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेशवासियों को सावन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भगवान शिव से हरियाणा की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री ने युवाओं से भारतीय संस्कृति, संस्कारों को अपनाने और नशे से दूर रहने का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भगवान शिव का त्याग, तप और समर्पण जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री ने युवाओं को शिक्षा को प्राथमिकता देने की अपील करते हुए कहा कि संस्कार और अनुशासन से ही बेहतर भविष्य का निर्माण संभव है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केदारनाथ, काशी विश्वनाथ, महाकालेश्वर और सोमनाथ जैसे धार्मिक स्थलों के पुनर्विकास को सनातन संस्कृति के प्रति बढ़ती आस्था का प्रतीक बताया। साथ ही कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन को आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।