नोटिस के बाद भी निर्माण जारी रहने का आरोप, लोगों ने कार्रवाई का ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग की
जेई बोले- शिकायत मिलने पर नोटिस देकर जवाब तलब करते हैं, जरूरत पड़ने पर निर्माण तोड़ने की कार्रवाई भी संभव
संवाद न्यूज एजेंसी
पिंजौर। कालका शहर में अवैध निर्माण के खिलाफ नगर परिषद की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शहर में विभिन्न स्थानों पर बिना अनुमति या नियमों का उल्लंघन कर निर्माण कार्य किए जा रहे हैं, लेकिन नगर परिषद की कार्रवाई नोटिस जारी करने और कागजी प्रक्रिया तक सीमित नजर आ रही है। लोगों का कहना है कि कई मामलों में नोटिस जारी होने के बावजूद निर्माण कार्य जारी रहने से कार्रवाई की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
लोगों के अनुसार, निर्माण कार्य शुरू होते समय ही नगर परिषद को मौके पर निगरानी कर नियमों का उल्लंघन मिलने पर उसे रुकवाना चाहिए। उनका कहना है कि समय रहते निर्माण कार्य रोक दिए जाएं तो बाद में विवाद की स्थिति से बचा जा सकता है। आरोप है कि कई मामलों में नोटिस मिलने के बाद भी निर्माण कार्य नहीं रुकते।
लोगों ने नगर परिषद अधिकारियों से शहर में चल रहे निर्माण कार्यों की जांच कराने और नियमों का उल्लंघन करने वाले निर्माणों पर तत्काल कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही नोटिस जारी करने के बाद की गई कार्रवाई का ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग की है। लोगों ने अधिकारियों से यह भी स्पष्ट करने को कहा है कि अब तक जारी किए गए नोटिसों में कितने मामलों में वास्तविक कार्रवाई हुई है।
निर्माण तोड़ने तक की कार्रवाई संभव : जेई
जेई नगर परिषद कालका अजय कुमार ने बताया कि अवैध निर्माण को लेकर शिकायत मिलने पर नगर परिषद की ओर से नोटिस जारी कर संबंधित व्यक्ति से जवाब मांगा जाता है। उन्होंने कहा कि नियमों के अनुसार अवैध निर्माण के मामले में निर्माण को तोड़ने तक की कार्रवाई की जा सकती है।