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Panchkula News: पजल-पैटर्न से निखरेगी नौनिहालों की तार्किक सोच

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सरकारी स्कूलों में अगस्त भर चलेगा विशेष अभियान, कक्षा 1 से 3 तक के विद्यार्थियों को रोजाना कराया जाएगा अभ्यास
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संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। सरकारी स्कूलों की निपुण कक्षाओं में पढ़ने वाले नौनिहाल अब पजल और पैटर्न दक्षताओं में निपुण बनेंगे। जिला शिक्षा विभाग ने कक्षा 1 से 3 तक के विद्यार्थियों की तार्किक सोच, समस्या समाधान क्षमता और संख्यात्मक कौशल को मजबूत करने के लिए अगस्त माह में विशेष अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत सभी विद्यालयों में रोजाना पजल और पैटर्न का अभ्यास कराया जाएगा, जबकि विद्यार्थियों की प्रगति की नियमित निगरानी भी की जाएगी।
माननीया अतिरिक्त उपायुक्त की अध्यक्षता में हुई डीपीआईयू बैठक में यह निर्णय लिया गया। विभाग का उद्देश्य निपुण भारत मिशन के तहत बच्चों की बुनियादी दक्षताओं के साथ-साथ उनकी तर्कशक्ति और विश्लेषणात्मक क्षमता को भी विकसित करना है। सभी बीईओ, क्लस्टर मुखिया, मेंटर और एफएलएन कोऑर्डिनेटर को समयबद्ध रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
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विभाग के अनुसार प्रत्येक विद्यालय में प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से 2:30 बजे तक पजल और पैटर्न का विशेष अभ्यास सत्र आयोजित किया जाएगा। इस दौरान अध्यापक विद्यार्थियों के सीखने के स्तर के अनुसार गतिविधियां करवाएंगे। दोहरी पारी वाले विद्यालयों में अंतिम आधे घंटे में यह अभ्यास कराने के निर्देश दिए गए हैं।
अभियान के लिए जिला स्तर से प्रत्येक सप्ताह वर्कशीट जारी की जाएंगी। पहली वर्कशीट 11 अगस्त को भेजी जाएगी। इसके अनुरूप शिक्षक अभ्यास सामग्री तैयार करेंगे, जबकि मेंटर अपने-अपने क्लस्टर की प्रगति का विश्लेषण कर हर सप्ताह स्कूलवार रिपोर्ट क्लस्टर मुखिया के साथ साझा करेंगे।
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अभियान की प्रगति की निगरानी जिला, खंड और क्लस्टर स्तर पर की जाएगी। जिला स्तर पर विशेष ट्रैकर के माध्यम से हर 15 दिन में समीक्षा होगी, जबकि खंड और क्लस्टर स्तर पर नियमित अंतराल पर प्रगति रिपोर्ट तैयार की जाएगी। माह के अंत में विद्यालय, क्लस्टर और खंड स्तर पर विशेष प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। पजल और पैटर्न दोनों दक्षताओं में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली कक्षाओं को आगामी सीपीआईयू और बीपीआईयू बैठकों में सम्मानित किया जाएगा। वहीं प्रदर्शन के आधार पर शीर्ष पांच क्लस्टरों को डीपीआईयू में सम्मान मिलेगा।
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