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‘एचएमटी की जमीन पर लगाएं सैन्य उपकरण उद्योग’

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पंचकूला। कोविड-19 में प्रधानमंत्री द्वारा घोषित बीस लाख के आर्थिक पैकेज से एचएमटी की जमीन पर सैन्य उपकरण उद्योग लगाने को मंजूरी देने की मांग की गई है। आर्थिक पैकेज के एक हिस्से से रक्षा मंत्रालय द्वारा सैन्य उपकरण उद्योग लगाया जाना है। इसके लिए एचएमटी की 800 हेक्टेयर की जमीन को उपयुक्त बताया गया है। भौगोलिक और अन्य कारणों से इस क्षेत्र को सैन्य उपकरण उद्योग के लिए बेहतर बताया गया है। भारत-चीन सीमा पर तनाव के बीच हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री के माध्यम से प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर सैन्य उपकरण उद्योग एचएमटी की जमीन पर लगाने की मांग की है।
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प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में ज्ञानचंद गुप्ता का कहना है कि बीस लाख करोड़ रुपये के एक हिस्से से रक्षा मंत्रालय की तरफ से सैन्य उपकरण उद्योग लगाया जाना है। इस प्रकार के बड़े उद्योग के लिए ज्यादा भूमि की आवश्यकता बताई गई है। इस कारण पंचकूला के पास खाली पड़ी एचएमटी की करीब 800 हेक्टेयर जमीन सबसे उपयुक्त साबित हो सकती है। यह क्षेत्र चंडी मंदिर स्थित छावनी क्षेत्र, भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल और टर्मिनल बैलेस्टिक रिसर्च लेबोरेट्री के पास है। भौगोलिक और सुरक्षा के दृष्टिकोण से यह बेहतर जगह है। पंचकूला शिमला राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित होने से यह क्षेत्र रेलवे स्टेशन से भी जुड़ा है। चंडीगढ़ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से भी यह 25 किलोमीटर की दूरी पर है।
पहले से उपलब्ध हैं सुविधाएं
यहां पर मशीनरी, कार्यालयों के लिए जगह, कार्यशाला, क्लब, स्टाफ के लिए आवास, खेल का मैदान, अस्पताल, दैनिक उपयोग की वस्तुओं के लिए मार्केट और स्कूल जैसी मूलभूत सुविधाएं पहले से उपलब्ध हैं। इन सभी संसाधनों का आवश्यकतानुसार नवीनीकरण कर सैन्य उपकरण उद्योग के लिए प्रयोग किया जा सकता है। शिवालिक की तलहटी में स्थित होने के कारण यह क्षेत्र प्रदूषण मुक्त भी है। पत्र में ज्ञानचंद गुप्ता ने लिखा है कि हरियाणा सरकार पंचकूला में बहु तकनीकी एवं कौशल विकास केंद्र और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना पहले ही कर चुकी है। इन संस्थानों में करीब 150 प्रकार के कोर्स करवाए जाते हैं। सैन्य उपकरण उद्योग की आवश्यकताओं को देखकर इन संस्थानों में अन्य कोर्स जोड़े जा सकते हैं। पंचकूला में बड़ी संख्या में अनुभवी पूर्व सैनिक भी रहते हैं। सेना की पश्चिम कमान का केंद्र भी यहीं स्थित होने से इस प्रकार के उद्योग के लिए यह पूरी तरह से उपयुक्त है।
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उत्साहित है सलाहकार समिति
ज्ञान चंद गुप्ता का कहना है कि इस प्रस्ताव पर पंचकूला विकास सलाहकार समिति की बैठक में भी व्यापक विचार- विमर्श हुआ है। समिति के सभी सदस्य इसे लेकर उत्साही हैं। इस प्रकार का उद्योग स्थापित होने से हरियाणा विशेषकर पंचकूला जिले में आर्थिक गतिविधियों को बल मिलेगा। इस उद्योग से बड़े पैमाने पर रोजगार का सृजन होगा। इसका लाभ हरियाणा सहित सीमावर्ती हिमाचल प्रदेश के युवाओं को भी हो सकेगा।
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