चंडीगढ़। पंजाब में वायु प्रदूषण का स्तर मापने के लिए पहली बार मोबाइल एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग वैन (वायु गुणवत्ता निगरानी वैन) तैनात की जा रही है। इसके जरिये न केवल वायु प्रदूषण बल्कि प्रदूषण पर नियंत्रण पाने के लिए लोगों के बीच इस बात को लेकर व्यापक जागरूकता पैदा की जाएगी कि वह किस तरह की हवा में सांस ले रहे हैं।इंडिया क्लीन एयर समिट (आईसीएएस) 2023 के अवसर पर उक्त वैन चलाए जाने की घोषणा करते हुए पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीपीसीबी) के चेयरमैन प्रो. डॉ. आदर्श पाल विग ने कहा कि लोगों के लिए यह समझना बहुत जरूरी हो चुका है कि वह किस तरह की हवा में सांस ले रहे हैं। वैन का संचालन पीपीसीबी के निर्देशन में कॉर्पोरेट एनवायरमेंट रिस्पांसिबिलिटी (सीईआर) के तहत एक स्थानीय उद्योग के जरिये किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि मोबाइल एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग वैन की यात्रा अमृतसर के पास माझा क्षेत्र में तरनतारन जिले के खडूर साहिब से शुरू होगी, जहां पहले से ही एक सामाजिक कार्यकर्ता और पर्यावरणविद बाबा सेवा सिंह द्वारा निर्मित किया गया जंगल है। इस स्थान की वायु गुणवत्ता को रिकॉर्ड किया जाएगा और फिर वैन पंजाब के अन्य शहरों में जाकर अलग-अलग जगह के वायु गुणवत्ता स्तर की तुलना करेगी और इस जानकारी स्थानीय नागरिकों को देकर सचेत किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसका उद्देश्य उन कदमों की पहचान करना है, जो स्थानीय स्तर पर हवा की गुणवत्ता में सुधार के लिए उठाए जा सकते हैं।
पराली जलाने वाले इलाकों में भी जांचेंगे वायु गुणवत्ता
डॉ. विग ने कहा कि वैन का उपयोग पराली जलाने के मौसम के दौरान उन स्थानों पर भी किया जाएगा, जहां पराली जलाने के कारण हवा की गुणवत्ता खराब हो रही है और ऐसे स्थान जहां पराली नहीं जलाई जा रही, वहां हवा की गुणवत्ता का तुलनात्मक अध्ययन किया जाएगा। दूसरे शब्दों में, वैन न केवल डेटा एकत्र करेगी बल्कि राज्य भर के नागरिकों के लिए एक मोबाइल सेंसिटेशन वाहन भी होगी। यह लोगों को वायु प्रदूषण के दुष्प्रभावों के बारे में समझाएगी और वायु गुणवत्ता में सुधार के तरीके बताएगी।