चंडीगढ़। पंजाब में अब तक 150 करोड़ रुपये का निवेश हो चुका है जबकि जापान और दक्षिण कोरिया के दौरे के बाद निवेश और बढ़ने की उम्मीद है। इस निवेश के बाद सूबे में 5 लाख से अधिक युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित हुए हैं।
सूबे में औद्योगिक विकास व योजनाओं पर चर्चा करते हुए उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा ने बताया कि पांच महीनों के दौरान पंजाब में एचपीसीएल मित्तल एनर्जी लिमिटेड (एचएमईएल) की ओर से 2,600 करोड़ रुपये, वर्धमान स्टील्स की ओर से 3,000 करोड़, ट्राइडेंट ग्रुप की ओर से 2,000 करोड़, आईओएल केमिकल्स एंड फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड की ओर से 1,400 करोड़, हैप्पी फोर्जिंग्स लिमिटेड की ओर से 1,000 करोड़, वेरका बेवरेजेज प्राइवेट लिमिटेड की ओर से 987 करोड़, फोर्टिस हेल्थकेयर (मोहाली) की ओर से 900 करोड़, अंबर एंटरप्राइजेज इंडिया लिमिटेड की ओर से 500 करोड़, इंफोसिस लिमिटेड की ओर से 285 करोड़ व टोपन स्पेशलिटी फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड की ओर से 300 से 400 करोड़ रुपये के प्रमुख निवेशों की घोषणा की गई है।
मंत्री ने कहा कि मोहाली में छठे पंजाब प्रोग्रेसिव इन्वेस्टर समिट की तैयारी की जा रही है जो 13 से 15 मार्च को आयोजित किया जाएगा। उनके अनुसार निवेश को और अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए राज्य सरकार की ओर से सभी औद्योगिक अनुमतियां 5 से 45 दिन में प्रदान की जा रही हैं। भारत सरकार द्वारा बिजनेस रिफॉर्म्स एक्शन प्लान (बीआरएपी) 2024 के अंतर्गत पंजाब को टॉप अचीवर का दर्जा दिया गया है। पंजाब राइट टू बिजनेस एक्ट-2020 में किए गए संशोधनों के चलते अब 5 से 18 दिन में सैद्धांतिक अनुमतियां जारी की जा रही हैं और पात्र उद्यमी स्व घोषणा के माध्यम से अपना व्यवसाय शुरू या उसका विस्तार कर सकते हैं।
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि भविष्य की सेक्टर-विशेष औद्योगिक नीति तैयार करने के लिए उद्योगों से परामर्श लेने के लिए 24 विशेष सेक्टरल कमेटियों का गठन किया गया है। प्रत्येक कमेटी की अध्यक्षता संबंधित क्षेत्र के प्रतिष्ठित उद्योगपति की ओर से की जाती है।