संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। पूर्व अकाली नेता और कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि पंजाब की भगवंत मान सरकार की ओर से जहरीली शराब के मामले में सच को दबाया जा रहा है। यही कारण है कि पहले दिन इस संबंधी न तो पीड़िता का सही ढंग से इलाज करवाया गया और न ही वहां पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई की गई।
जब यह घटना मीडिया व सोशल मीडिया पर सामने आई तो फिर कहीं जाकर पीड़िता का इलाज शुरू हुआ। उन्होंने कहा कि असल में पंजाब सरकार की इस मामले को छुपाने की कोशिश थी ताकि उनका युद्ध नशों के विरुद्ध की पोल न खुल जाए। मजीठिया हरिमंदिर साहिब में माथा टेकने के बाद मीडिया को संबोधित कर रहे थे। मजीठिया ने कहा कि इस सारे मामले में मुख्यमंत्री भगवंत मान और आबकारी मंत्री हरपाल सिंह चीमा जिम्मेदार है। अपनी गलती को छुपाने के लिए पंजाब सरकार ने पीड़ितों को मुआवजा दिया है। इससे पहले शराब कांड के लोगों को मुआवजा नहीं दिया गया। मजीठिया ने कहा कि वह इस मुद्दे पर पहले ही खुलासा करना चाहते थे। लेकिन भारत पाक सीमा पर बने तनाव भरे हालात की वजह से वह कुछ दिन चुप रहे। उन्होंने कहा कि मजीठा विधानसभा क्षेत्र में अवैध व जहरीली शराब पुलिस अफसरशाही और आम आदमी पार्टी के नेताओं की मिली भगत से बिक रही है। जिसके लिए सरकार जिम्मेदार है।