चंडीगढ़। स्टाइपेंड की राशि से वंचित 2016 बैच के एमबीबीएस डॉक्टरों को बड़ी राहत देते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को 6 माह के भीतर 24 प्रतिशत ब्याज के साथ पैसा देने का आदेश दिया है।
पठानकोट के चिंतपूर्णी मेडिकल कॉलेज में 2016-17 सत्र के लिए 150 छात्रों को एमबीबीएस में दाखिला मिला था। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की गाइडलाइन पूरी न करने के चलते कॉलेज को 2017-18 व 2018-19 सत्र के लिए डीबार कर दिया गया था। छात्रों ने अपने भविष्य का हवाला देते हुए हाईकोर्ट की शरण ली थी और कोर्ट के आदेश पर इन छात्रों को पंजाब के अन्य मेडिकल कॉलेजों में शिफ्ट कर दिया गया था। इन छात्रों ने पटियाला, फरीदकोट व अन्य मेडिकल कॉलेजों से एमबीबीएस कोर्स किया। इस दौरान इन्हें एक वर्ष की इंटर्नशिप भी करनी थी जोकि उन्होंने अलग-अलग सरकारी अस्पतालों में की।
पंजाब सरकार की अधिसूचना के तहत इसके लिए 15000 प्रति माह स्टाइपेंड मिलना तय था जोकि आज तक नहीं दिया गया। इसके बाद छात्रों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए राशि जारी करने की अपील की है। जस्टिस विकास बहाल ने याचिका पर सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ताओं को स्टाइपेंड की राशि 24 प्रतिशत ब्याज सहित 6 सप्ताह के भीतर जारी करने का आदेश दिया है। सरकार को करीब 2.30 करोड़ का छात्रों को भुगतान करना होगा।