चंडीगढ़। पंजाब के स्कूलों में तैनात मिड डे मील कुक मुलाजिम कम हेल्परों को अब स्कूल मैनेजमेंट कमेटियां या प्रिंसिपल अपने स्तर पर नहीं हटा सकेंगे। उन्हें पद से हटाने के अधिकार अब केवल शिक्षा विभाग के पास रहेंगे। वह केवल इसके लिए विभाग को सिफारिश ही कर पाएंगे। यह आदेश शिक्षा विभाग की तरफ से जारी किए गए हैं, जिन्हें पूरे राज्य में तुरंत प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं। वहीं स्कूलों में तैनात मिड डे मील मुलाजिमों ने सरकार के इस फैसले से राहत की सांस ली है। जानकारी के मुताबिक सूबे के 18 हजार के करीब स्कूलों में 25 लाख छात्रों को सरकार की तरफ से दोपहर के समय में मिड डे मील मुहैया करवाया जाता है। इसके लिए मिड डे मील मुलाजिम रखे गए हैं।
मुलाजिमों द्वारा खाना बनाने से लेकर उसे बच्चों को परोसने तक का इंतजाम किया जाता है लेकिन मुलाजिमों की अकसर शिकायत रहती थी कि उन्हें राजनीति का शिकार बनाया जाता है। कई बार तो इस चक्कर में उन्हें अपनी नौकरी से हाथ तक धोना पड़ता था। इस चीज को विभाग ने अब गंभीरता से लिया है। साथ ही पूरी रणनीति बनाकर इस बारे में आदेश जारी किए हैं। विभाग ने पत्र में कहा है कि अगर किसी मिड डे वर्कर या कुक को हटाने की नौबत भी आती है तो पहले उसका केस बनाकर विभाग को भेजा जाए। इसी तरह कोई मुलाजिम यदि काम करने में असमर्थता जताता है, साथ ही खुद ही नौकरी छोड़ना चाहता है ऐसे मामलों में भी उससे एक हलफनामा लिखवाकर लिया जाएगा । इसमें उसे बताना होगा कि वह किस वजह से नौकरी छोड़ रहा है।
याद रहे कि अकसर राज्य में जब भी पंचायतें या सरकारें बदलतीं थी तो मिड डे मील मुलाजिमों को दिक्कत आती थी। उन्हें इस दिक्कत से बचाने के लिए यह फैसला लिया गया है।