चंडीगढ़। किसानों के विरोध के बावजूद पंजाब सरकार 4 मई को होने वाली केंद्र और किसानों के बीच बैठक में हिस्सा लेने के लिए तैयार हैं। कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने कहा कि विरोध करना किसानों का अधिकार हैं, लेकिन वह किसानों के साथ हैं। अभी तक केंद्र से कोई निमंत्रण नहीं मिला है। हर बार की तरह अगर निमंत्रण आया तो वे बैठक में जरूर हिस्सा लेंगे।
किसान पहले ही साफ कर चुके हैं कि अगर पंजाब सरकार के किसी भी प्रतिनिधि ने बैठक में हिस्सा लिया तो वह बैठक में नहीं जाएंगे। हाल ही में केंद्रीय कृषि मंत्री को पत्र लिखकर भी किसानों ने मांग की थी कि इस बैठक में पंजाब सरकार का कोई प्रतिनिधि मौजूद नहीं होना चाहिए। कटारूचक्क ने कहा कि लोकतंत्र में हर किसी को प्रदर्शन करने और अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन प्रदर्शन करने का भी एक तरीका होता है। वे राज्य का आर्थिक नुकसान नहीं होने दे सकते। किसानों की सभी मांगें केंद्र से संबंधित हैं और पंजाब सरकार इनको पूरा कराने के लिए किसानों के साथ है। पहले भी वे केंद्र पर दबाव बनाते रहे हैं।