चंडीगढ़। पंजाब सरकार एससी विद्यार्थियों की पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप (पीएमएस) के मुद्दे पर निजी तकनीकी कॉलेजों की 40 फीसदी बकाया राशि देने पर सहमत हो गई है। सरकार के रुख को देखते हुए ज्वाइंट एसोसिएशन ऑफ कॉलेजेज (जैक) ने भी अपनी उस चेतावनी को वापस ले लिया है, जिसमें कहा गया था कि अगर सरकार तीन साल का लंबित बकाया नहीं देगी तो निजी तकनीकी कॉलेजों में टेक्निकल कोर्स कर रहे एससी विद्यार्थियों के रोल नंबर रोक लिए जाएंगे, क्योंकि तीन साल के अपने पैसे का इंतजार कर रहे कॉलेज प्रबंधकों के सामने कोई विकल्प नहीं बचा है।
शुक्रवार को पंजाब सिविल सचिवालय स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में सरकार के उच्चाधिकार प्राप्त कमेटी के साथ जैक के प्रतिनिधिमंडल की बैठक हुई। इस बैठक की अध्यक्षता वित्त मंत्री पंजाब सरदार मनप्रीत सिंह बादल ने की। बैठक में तकनीकी शिक्षा मंत्री एवं औद्योगिक प्रशिक्षण चरणजीत सिंह चन्नी, उच्च शिक्षा मंत्री, तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, समाज कल्याण मंत्री साधु सिंह धर्मसोत, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव सुरेश कुमार और विभिन्न विभागों के सचिव उपस्थित थे। जैक की ओर से मुख्य संरक्षक सतनाम सिंह संधू, अध्यक्ष डॉ. गुरमीत सिंह धालीवाल, अध्यक्ष जगजीत सिंह और सह-अध्यक्ष डॉ. अंशु कटारिया, मंजीत सिंह, शिमांशु गुप्ता, जसनीक सिंह, निर्मल सिंह ने बैठक में पीएमएस के मुद्दे पर अपनी बात रखी।
जगजीत सिंह ने बताया कि बैठक में शुक्रवार को पंजाब सरकार ने वर्ष 2017-18, 2018-19 और 2019-20 से संबंधित पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप की बकाया राशि का 40 फीसदी जारी करने पर सहमति जताई, जिसमें से 50 प्रतिशत राशि इसी वर्ष और शेष 50 प्रतिशत अगले वित्तीय वर्ष में जारी कर दी जाएगी। इसके अलावा वर्ष 2017-18 से 2019-20 तक, पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के शेष 60 फीसदी राशि के लिए पंजाब सरकार और जैक केंद्र सरकार के साथ बात करेंगे। जैक के सह-अध्यक्ष डॉ अंशु कटारिया ने कहा कि सरकार बीएड, ईटीटी, आईटीआई, एमएड और अन्य पाठ्यक्रमों की फीस कैपिंग मुद्दे को युक्तिसंगत बनाने के लिए एक समिति बनाने पर भी सहमत हो गई है। समिति 30 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट देगी। कटारिया ने कहा कि छात्रों के हित में और पंजाब सरकार द्वारा फीस कैपिंग और लंबित पीएमएस मुद्दे को हल करने के आश्वासन के साथ, जैक ने लगभग दो लाख एससी छात्रों के रोल नंबर जारी करने का फैसला किया है।