चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कुछ दिन पहले पंजाब सरकार को कर्मचारियों के बकाया डीए की जल्द अदायगी करने का आदेश दिया है। इसी के समर्थन में वीरवार को पंजाब सिविल सचिवालय की संयुक्त कार्य समिति के आह्वान पर कर्मचारी रैली का आयोजन किया गया।
इस दौरान कर्मचारियों ने लामबंद होते हुए सचिवालय के बाहर प्रदर्शन कर तुरंत डीए डीए जाने की मांग की। हाईकोर्ट में केस लड़ने वाले वकीलों व याचिकाकर्ताओं को सम्मानित भी किया गया। सचिवालय के बाहर रैली को संबोधित करते हुए कर्मचारी नेता सुखचैन सिंह
ने कहा कि डीए न मिलने की वजह से कर्मचारियों में काफी नाराजगी है मगर हाईकोर्ट के आदेश के बाद कर्मचारियों में बड़ी उम्मीद जगी है। संयुक्त कार्य समिति ने हाईकोर्ट और न्यायाधीशों का आभार व्यक्त किया है, क्योंकि उन्होंने तथ्यों और नियमों के आधार पर कर्मचारियों के पक्ष में महंगाई भत्ते पर फैसला सुनाया है।
उन्होंने कहा कि सरकार एक सोची समझी नीति के तहत जानबूझकर कर्मचारियों को दबा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्मचारियों के डीए और आयकर के पैसे का दुरुपयोग मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए किया जा रहा है। डीए कर्मचारियों का हक है लेकिन सरकार इसे देने से इन्कार कर रही है।
पंजाब सिविल सचिवालय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुशील कुमार फौजी और महासचिव साहिल शर्मा ने बताया कि संघ ने कर्मचारियों की विभिन्न मांगों के संबंध में उच्च न्यायालय में पांच अलग-अलग मामले दायर किए हैं। सरकार पुरानी पेंशन योजना की बहाली और अन्य मुद्दों को हल करने का वादा करके सत्ता में आई थी लेकिन अब वह इन से पीछे हट गई है।
उन्होंने मांग की कि कर्मचारियों के सभी मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर हल करे। रैली के दौरान, वकीलों बलदेव सिंह मान और सन्नी सिंगला ने डीए मामले का विवरण दिया जबकि मुख्य याचिकाकर्ता गुरविंदर सिंह ने भी सभा को संबोधित किया।