चंडीगढ़। पंजाब रोडवेज, पनबस, पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन ने 20 सितंबर को राज्यभर में चक्का जाम करने के साथ ही मुख्यमंत्री आवास के समक्ष धरना देने का एलान किया है। यूनियन के प्रदेश प्रधान रेशम सिंह गिल, प्रदेश सचिव शमशेर सिंह ढिल्लों ने कहा कि राज्य सरकार रोडवेज मुलाजिमों की मांगें मानने के बजाय उनसे टालमटोल का बर्ताव कर रही है। बीते 15 अगस्त से परिवहन विभाग के अधिकारी यूनियन पदाधिकारियों की मुख्यमंत्री से मुलाकात कराने का वादा करने के बाद अब तक तीन बार बैठक की तारीख बदल चुके हैं और उन्हें मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी मांगें रखने का मौका भी नहीं दिया जा रहा।सोमवार को जारी एक बयान में यूनियन के पदाधिकारियों ने कहा कि अब तक परिवहन मंत्री और परिवहन विभाग के अधिकारियों के साथ यूनियन की 16-17 बैठकें हो चुकी हैं। इसके अलावा जालंधर उपचुनाव के दौरान दो बार मुख्यमंत्री के साथ ही उनकी बैठक हुई। इसमें मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया था कि चुनाव के बाद उनकी सभी मांगों का हल पैनल मीटिंग के जरिये होगा। रेशम सिंह ने कहा कि चुनाव के बाद जब कोई बैठक नहीं बुलाई गई तो यूनियन ने 15 अगस्त को काला दिवस के रूप में मनाने का एलान किया तो पटियाला जिला प्रशासन ने यूनियन की मुख्यमंत्री के साथ 25 अगस्त को बैठक करवाने का भरोसा दिया। इसके बाद बैठक की इस तारीख को बदलकर 14 सितंबर कर दिया गया और अब इस तारीख को फिर से बदलकर 29 सितंबर कर दिया गया है। इससे जाहिर होता है कि सरकार मुलाजिमों की मांगें हल नहीं करना चाहती और केवल टाइमपास कर रही है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों और सरकार की वादाखिलाफी से तंग मुलाजिमों ने अब 20 सितंबर को राज्यभर में पनबस और पीआरटीसी की बसों का चक्का जाम करने का फैसला लिया है और इस दौरान मुख्यमंत्री आवास पर धरना दिया जाएगा।