पंचकूला। उप राष्ट्रीय पोलियो प्रतिरक्षण अभियान प्रदेश के हाई रिस्क क्षेत्रों के 13 जिलों में चलेगा। यह अभियान एक नवंबर से तीन नवंबर तक चलाया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से इसके लिए जिला टाक्स फोर्स कमेटी की करवाई गई।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीसी मुकेश कुमार आहूजा ने कहा कि पंचकूला हाई रिस्क क्षेत्र में आता है। इसमें 371 ग्रामीण, 104 शहरी के साथ 475 साइट शामिल हैं। पंचकूला में 5 वर्ष तक आयु के 22 हजार 507 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी। इसमें 18 हजार ग्रामीण व 4425 शहरी क्षेत्रों के वर्ष आयु तक के बच्चे शामिल हैं। इन बच्चों को पोलियों की खुराक पिलाने के लिए 14 बूथ बनाए गए हैं। इसमें 10 ग्रामीण क्षेत्र व 4 शहारी क्षेत्र में है। इस बैठक में जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी कंवर दमन सिंह, सिविल सर्जन डॉ. जसजीत कौर, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. मीनू के साथ कई अधिकारी मौजूद रहे।
34 मोबाइल टीमें भी गठित
34 मोबाइल टीमें भी गठित की गई हैं। इसमें 31 ग्रामीण क्षेत्र और तीन शहरी क्षेत्र में दवा पिलाने का कार्य करेंगी। उन्होंने कहा कि कोविड-19 को ध्यान में रखते हुए उचित दूरी अपनाते हुए दवा पिलाई जाएगी। दवा पिलाने से पहले बार-बार साबुन से हाथ धोना व अपने आसपास का स्थल स्वच्छ बनाए रखना भी सुनिश्चित करना है। डीसी ने बताया कि पल्स पोलियो अभियान के तहत सभी पोल्ट्री फार्म, लेबर क्वार्टर, फैक्टरी, क्रशर जोन जैसे पर बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाना सुनिश्चित किया जाएगा।