दिल्ली से चांसलर वेंकैया नायडू ने सीनेट में गैर हाजिर चल रहे मेंबर्स के नामों पर जैसे ही कैंची चलाई तो रविवार को पीयू का माहौल अचानक बदला बदला दिखा। यही नहीं सीनेट व सिंडिकेट में शामिल कुछ सदस्यों ने भाजपा से जुड़े सीनेट मेंबर्स को बाकायदा फोन कर बधाई दी। इस बड़े निर्णय की प्रशंसा के साथ ही दोस्ती का हाथ भी बढ़ाया है। माना जा रहा है कि 22 अगस्त को होने जा रही सीनेट की बैठक में इसका बड़ा असर दिखेगा। साथ ही भाजपा पक्ष को इन पांच सदस्यों के आने से मजबूती मिली है।
सीनेट के पांच सीनेटरों का नॉमिनेशन शनिवार की देर शाम रद्द कर दिया गया। उनकी जगह नए नाम भी चांसलर ने तय कर दिए। इनमें होेशियारपुर के सांसद सोम प्रकाश, पूर्व भाजपा प्रधान प्रो. राजिंदर भंडारी, पूर्व एबीवीपी प्रेसिडेंट राजकुमार भाटिया, इंडिया टुडे के असिस्टेंट एडिटर अनिलेश महाजन व पीपीएससी की पूर्व सदस्य डॉ. अमिता ऋषि शामिल हैं। सूत्रों का कहना है कि एक साल से सीनेट व सिंडिकेट की बैठकों को वीसी प्रो. राजकुमार गंभीरता से देखते आ रहे थे।
उनके निर्णयों का बदलना सिंडिकेट व सीनेट का चुटकी भर काम था। बैठकों में हंगामा, हाथापाई की नौबत का आना आम हो गया था। गठबंधन के जरिये एक हुए मेंबर्स का दबदबा कायम था। सूत्र कहते हैं कि पीयू में बेहतर माहौल बनाने के लिए कुछ और सदस्यों ने साथ दिया और मामला ऊपर तक पहुंचाया गया। दिल्ली से भी इनको खूब साथ मिला और विपक्षियों को झटका भी। जैसे ही नए नाम सीनेट के लिए घोषित किए गए तो माहौल बदला बदला सा नजर आया। शिक्षक इस मुद्दे पर रविवार को पीयू में बैठक करते नजर आए।