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दिल्ली से गिरी गाज और पंजाब यूनिवर्सिटी की सीनेट में बढ़ा भाजपा का दबदबा, 22 को दिखाएंगे ताकत

Mon, 19 Aug 2019 11:30 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़
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दिल्ली से चांसलर वेंकैया नायडू ने सीनेट में गैर हाजिर चल रहे मेंबर्स के नामों पर जैसे ही कैंची चलाई तो रविवार को पीयू का माहौल अचानक बदला बदला दिखा। यही नहीं सीनेट व सिंडिकेट में शामिल कुछ सदस्यों ने भाजपा से जुड़े सीनेट मेंबर्स को बाकायदा फोन कर बधाई दी। इस बड़े निर्णय की प्रशंसा के साथ ही दोस्ती का हाथ भी बढ़ाया है। माना जा रहा है कि 22 अगस्त को होने जा रही सीनेट की बैठक में इसका बड़ा असर दिखेगा। साथ ही भाजपा पक्ष को इन पांच सदस्यों के आने से मजबूती मिली है।
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सीनेट के पांच सीनेटरों का नॉमिनेशन शनिवार की देर शाम रद्द कर दिया गया। उनकी जगह नए नाम भी चांसलर ने तय कर दिए। इनमें होेशियारपुर के सांसद सोम प्रकाश, पूर्व भाजपा प्रधान प्रो. राजिंदर भंडारी, पूर्व एबीवीपी प्रेसिडेंट राजकुमार भाटिया, इंडिया टुडे के असिस्टेंट एडिटर अनिलेश महाजन व पीपीएससी की पूर्व सदस्य डॉ. अमिता ऋषि शामिल हैं। सूत्रों का कहना है कि एक साल से सीनेट व सिंडिकेट की बैठकों को वीसी प्रो. राजकुमार गंभीरता से देखते आ रहे थे।

उनके निर्णयों का बदलना सिंडिकेट व सीनेट का चुटकी भर काम था। बैठकों में हंगामा, हाथापाई की नौबत का आना आम हो गया था। गठबंधन के जरिये एक हुए मेंबर्स का दबदबा कायम था। सूत्र कहते हैं कि पीयू में बेहतर माहौल बनाने के लिए कुछ और सदस्यों ने साथ दिया और मामला ऊपर तक पहुंचाया गया। दिल्ली से भी इनको खूब साथ मिला और विपक्षियों को झटका भी। जैसे ही नए नाम सीनेट के लिए घोषित किए गए तो माहौल बदला बदला सा नजर आया। शिक्षक इस मुद्दे पर रविवार को पीयू में बैठक करते नजर आए।
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डीएसडब्ल्यू व डीन रिसर्च को हटाने की मांग पर हंगामा तय

डीएसडब्ल्यू नया बनाया जाए, इसकी मांग को लेकर सीनेट का एक पक्ष अड़ा हुआ है। सिंडिकेट ने वर्तमान डीएसडब्ल्यू का कार्यकाल बढ़ा दिया, लेकिन वीसी ने इसमें सहमति नहीं जताई। अब यह प्रस्ताव 22 अगस्त को बैठक में आ रहा है। सूत्र कहते हैं इस प्रस्ताव पर हंगामा होना तय है। साथ ही दूसरे नाम पर आम सहमति भी बन सकती है। इसी तरह बिना एजेंडे के डीन रिसर्च की नियुक्ति की गई। इसको लेकर भी सीनेटर नाराज हैं। इसके अलावा नियुक्तियों पर लगी रोक, सेक्सुअल हरासमेंट प्रकरण आदि प्रस्ताव पर भी चर्चा होगी।

अगली सीनेट में बदल जाएगा नजारा
सूत्रों का कहना है कि सीनेट में पांच मेंबर्स के शामिल होने से संदेश चला गया कि दिल्ली ने पीयू का साथ दिया है। जानकारों की मानें तो इसी साल के आखिर में सिंडिकेट में बदलाव नजर आएगा। दो ही पक्षों के लोग सिंडिकेट में पहुंचेंगे। साथ ही दोनों पक्ष मिलकर काम करेंगे। इसी तरह सीनेट में एक ही पक्ष का बड़ा दबदबा होगा। यह भी बताया जाता है कि कुछ सदस्यों पर बड़े गंभीर आरोप लगे हैं, वह केस भी अब दोबारा खुलेंगे। जांच होगी और फिर कार्रवाई।

पुटा चुनाव में भी दिखेगा असर
जानकार कहते हैं कि सीनेट को लेकर हुए इस निर्णय का असर पुटा चुनाव पर भी दिखेगा। अब शिक्षक किसी एक पक्ष के दबाव में कहीं वोट नहीं डालेंगे। उन्हें सोचने-समझने का मौका मिला है। माना जाता है कि अब तक गुटों के प्रभावशाली लोग जो चाहते थे, वहीं पर उनसे जुड़े शिक्षक पुटा के लिए वोट करते थे।
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