पंजाब यूनिवर्सिटी व इससे संबद्ध पीयू के 200 कॉलेजों के हजारों छात्रों को गोल्डन चांस मिलने जा रहा है। पीयू ने इसकी तैयारी कर ली है। पहले सितंबर तक इन विद्यार्थियों के आवेदन लिए जाएंगे और उसके बाद एग्जाम कराने का निर्णय लिया जाएगा। एक माह पहले कुछ छात्र संगठनों ने पीयू प्रशासन को ज्ञापन दिया था।
उन्होंने कहा था कि कई स्टूडेंट्स सेमेस्टर एग्जाम में फेल हुए हैं। इसमें साइंस, आर्ट व अन्य कक्षाओं के शामिल हैं। आखिरी सेमेस्टर में भी दो हजार से अधिक विद्यार्थी फेल हुए हैं। ऐसे में इन विद्यार्थियों को उसी सेमेस्टर में दोबारा पढ़ने से उनका एक साल अतिरिक्त लगेगा। छात्रों का भविष्य भी प्रभावित हो सकता है।
कई तर्क दिए जाने के बाद पीयू प्रशासन ने कई बैठकें की, लेकिन हल कुछ नहीं निकला। हाल ही में हुई बैठक में तय किया गया कि सेमेस्टर में फेल हुए विद्यार्थियों से आवेदन ले लिए जाएं। साथ ही कारण बताओ नोटिस भी मांगा जाएगा। स्टूडेंट की समस्याओं को देखते हुए पीयू प्रशासन परीक्षा लेने का निर्णय लेगा। जानकारी के अनुसार करीब नौ हजार से अधिक विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा। सितंबर माह में इन विद्यार्थियों के आवेदन के बाद एग्जाम कराए जाएंगे।
सिंडिकेट व सीनेट लगाएगी फाइनल मुहर
सितंबर माह में आवेदन आने के बाद इस प्रस्ताव पर आखिरी मुहर सिंडिकेट व सीनेट लगाएगी। इस पर बहस भी होगी, सभी सदस्य अपने अपने तर्क देंगे। हालांकि आखिर में छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए यह प्रस्ताव पास हो जाता है, पहले भी ऐसा पीयू ने किया है।
अब ड्यूटी भी ऑनलाइन लगने लगी
परीक्षा नियंत्रक कार्यालय की ओर से नया सिस्टम विकसित किया गया है। इसके जरिये शिक्षकों को परीक्षा ड्यूटी में शामिल होने की सूचना भी मोबाइल के संदेश या मेल के जरिये शीघ्र लग जाएगी। इसकी प्रक्रिया शुरू हो गई है। सिस्टम काम कर रहा है। इसके अलावा परीक्षकों को भी इसी तरह संदेश दिए जा रहे हैं। नए नए सॉफ्टवेयर विकसित किए जा रहे हैं।
छात्रों की मांग के बाद स्टूडेंट्स को गोल्डन चांस देने के लिए तैयारी की जा रही है, लेकिन इससे पहले सितंबर तक उनसे आवेदन लिए जाएंगे। उसके बाद फाइनल निर्णय होगा।
- प्रो. शंकरजी झा, डीयूआई पीयू