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Panchkula News: प्रोविडेंट फंड इंस्पेक्टर को सीबीआई की विशेष अदालत ने सुनाई चार साल की सजा

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संवाद न्यूज एजेंसी
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पंचकूला। रिश्वत लेते पकड़े जाने के करीब आठ साल बाद प्रोविडेंट फंड इंस्पेक्टर को सीबीआई की विशेष अदालत ने चार साल की सजा सुनाई है। दोषी पर 35 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सीबीआई ने मई 2016 में एक निजी कंपनी के मूल्यांकन मंजूरी में गुरुग्राम के भविष्य निधि निरीक्षक सुमेर सिंह सांगवान को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। अदालत ने सांगवान को दोषी ठहराकर टिप्पणी की थी कि सुमेर सिंह सांगवान ने भ्रष्ट या अवैध तरीकों से एक लोक सेवक के रूप में अपने पद का दुरुपयोग करके पीसी अधिनियम की धाराओं के तहत दंडनीय अपराध किया है। इसलिए इसके तहत वह अपनी सजा से बच नहीं सकता है।
ईपीएफओ के प्रवर्तन अधिकारी सुमेर सिंह सांगवान द्वारा 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में सुनील कुमार ने सीबीआई को शिकायत दी थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह होटल अंबा रेजीडेंसी की एक इकाई अंबा ऑटोमोबाइल में बतौर अकाउंटेंट काम कर रहा था। 19 अप्रैल 2016 को प्रोविजन फंड के सहायक आयुक्त आरएस तंवर ने होटल के पीएफ के वार्षिक मूल्यांकन के लिए उन्हें कर्मचारी भविष्य निधि संगठन, क्षेत्रीय कार्यालय, गुरुग्राम सेक्टर-44 में निरीक्षक/प्रवर्तन अधिकारी के रूप में कार्यरत निरीक्षक एसएस सांगवान से बात करने का निर्देश दिया।
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3 मई 2016 को शिकायतकर्ता ने सांगवान को फोन बताया कि वह होटल में उनसे मिलेगा। उसी दिन सांगवान दोपहर करीब ढाई बजे होटल अंबा रेजीडेंसी में शिकायतकर्ता से मिला और पीएफ असेसमेंट से संबंधित सभी कागजात की जांच की। कागजात की जांच करने के बाद सांगवान ने कागजात में कुछ विसंगतियां बताईं और मूल्यांकन करने के लिए 50 हजार की रिश्वत की मांग की। 20 मई 2016 को नई दिल्ली सीबीआई ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। इसके बाद सीबीआई ने रिश्वत राशि लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था।
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