चंडीगढ़। जिला न्यायालय स्तर पर न्यायिक अधिकारियों के लिए कोर्ट रूम और आवासीय सुविधाओं की कमी पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए पंजाब व हरियाणा को गंभीरता से काम करने व स्टेटस रिपोर्ट दायर करने का आदेश दिया है।
हाईकोर्ट के आदेश पर पंजाब के मुख्य सचिव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हाजिर हुए और कोर्ट ने उनको जिला न्यायालय स्तर पर न्यायिक अधिकारियों के लिए कोर्ट रूम व आवासीय सुविधाओं की आवश्यकता पूरी करने का आदेश दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि यह समस्या और अधिक गंभीर तब हो जाएगी जब फरवरी/मार्च, 2025 में प्रशिक्षु अधिकारियों का नया बैच अपने-अपने तैनाती स्थलों पर कार्यभार ग्रहण करेगा। हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को निर्देश दिया कि वह न्यायिक अधिकारियों के लिए न्यायालय कक्षों और आवासों की कमी को पूरा करने के लिए वैकल्पिक आवास की पहचान करे और उन्हें उपलब्ध कराए। हाईकोर्ट ने सरकार को कहा कि वह पंजाब के सभी जिलों में खाली पड़े सरकारी भवनों को अधिग्रहित करे, जो न्यायालय कक्ष/न्यायाधीश के आवास के लिए उपयुक्त हैं।
सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार की तरफ से कोर्ट को बताया गया कि इस मामले में हाईकोर्ट द्वारा बताई गई समस्या व कमियों को दूर करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। बुनियादी ढांचे में कमियों को पूरा किया जाएगा। हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई स्थगित करते हुए दोनों सरकारों को अगली सुनवाई पर स्टेटस रिपोर्ट दायर करने का आदेश दिया।