मोहाली। डंपिंग ग्राउंड को लेकर सेक्टर-74, 90 और 91 के निवासियों का विरोध एक बार फिर तेज हो गया है। मंगलवार को ज्वाइंट एक्शन कमेटी के आठ सदस्य नगर निगम कमिश्नर परमिंदर पाल सिंह से मिले और हाईकोर्ट के आदेशों को लागू करने की मांग रखी। स्थानीय निवासियों ने कहा कि किसी भी कीमत पर इस जगह पर प्लांट नहीं बनने देंगे। उनका कहना है कि आस-पास कचरे और बदबू के चलते पहले ही स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है और अब बड़े स्तर पर प्लांट बनने से हालात और बिगड़ जाएंगे।
बैठक करीब एक घंटे तक चली। लोगों ने कहा कि हाईकोर्ट ने मई 2024 में आदेश दिया था कि मौजूदा डंपिंग ग्राउंड को खाली कर यहां कूड़ा नहीं डाला जाएगा। प्रशासन ने अदालत को भरोसा भी दिलाया था और कुछ समय तक इसकी पालना हुई लेकिन अब यहां चारदीवारी और हरियाली के नाम पर बड़े स्तर पर कूड़ा निस्तारण प्लांट बनाने की तैयारी की जा रही है। बैठक में नगर निगम कमिश्नर ने कहा कि योजना के अनुसार पहले चारदीवारी और ग्रीनरी की जाएगी और फिर यहां आधुनिक तकनीक वाला प्लांट बनेगा, ताकि आसपास किसी तरह की दिक्कत न हो। यहां सिर्फ मोहाली ही नहीं, बल्कि आसपास के इलाकों से भी कूड़ा लाने की योजना है। इस मौके पर कमेटी के चेयरमैन बलदेव सिंह, जनरल सचिव आरडी त्यागी, सदस्य आरएस सिद्धू, एसएस बेदी, रामदीप कौर आदि मौजूद रहे।
निवासियों का तर्क : 2006 से चल रही कानूनी लड़ाई
सेक्टर-74 की आरडब्ल्यूएस ने पहली बार 2006 में हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। कोर्ट में हलफनामा देकर पंजाब सरकार ने 2012 में आश्वासन दिया था कि डेराबस्सी के समीप गांव समगोली में 50 एकड़ जमीन पर नया प्लांट बनेगा और 18 महीने में वहां कूड़ा डालना शुरू कर दिया जाएगा। मगर 2018 तक कोई कार्रवाई नहीं हुई और कूड़ा सेक्टर-74 के नजदीक ही डलता रहा।