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Panchkula News: प्रोपर्टी एजेंट पंजीकरण के लिए फर्म को नहीं चुकानी होगी दस गुना पंजीकरण राशि

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चंडीगढ़। रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी ने प्रोपराइटर फर्म के रजिस्ट्रेशन के लिए प्रॉपर्टी डीलरों से 10 गुना अधिक लाइसेंस फीस लगाने के हरियाणा रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी के फैसले को गलत करार देते हुए इसे खारिज कर दिया। अब प्रोपराइटर फर्म को 10 गुना ज्यादा फीस नहीं चुकानी होगी।
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याचिका दाखिल करते हुए एसोसिएशन ऑफ प्रॉपर्टी प्रोफेश्नल्स ने एडवोकेट वैभव जैन के माध्यम से हाईकोर्ट को बताया कि हरियाणा में 2016 में रियल एस्टेट रेगुलेटरी एक्ट को लागू किया गया। याचिकाकर्ताओं ने भी इसके तहत पंजीकरण के लिए आवेदन किया। इसके लिए दो श्रेणियां थीं, जिसमें एक श्रेणी व्यक्तिगत आवेदन तो दूसरी गैर एकल श्रेणी थी। एकल श्रेणी के लिए पंजीकरण फीस 25 हजार रुपये व रिन्यूअल फीस 5 हजार रुपये थी। दूसरी श्रेणी में पंजीकरण फीस ढ़ाई लाख रुपये तो रिन्यूअल फीस 50 हजार रुपये थी। रेरा ने याचिकाकर्ताओं को कहा कि वह प्रोपराइटरशिप फर्म हैं और ऐसे में व्यक्तिगत आवेदक की श्रेणी में नहीं आते हैं। रेरा के इस आदेश के खिलाफ याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट की 2018 में शरण ली थी। तब हाईकोर्ट ने याचिका पर नोटिस जारी करते हुए रेरा से जवाब तलब किया था। अब हाईकोर्ट ने याचिका पर फैसला सुनाते हुए कहा कि प्रोपराइटर फर्म व्यक्तिगत फर्म होती है और इसका संचालक इसका एकल मालिक होता है एक से ज्यादा नहीं। ऐसे में प्रोपराइटर फर्म को व्यक्तिगत श्रेणी में ही देखा जाना चाहिए। गैर व्यक्तिगत श्रेणी में इसे मान कर दस गुना ज्यादा पंजीकरण फीस नहीं लेनी चाहिए। हाईकोर्ट ने याचिका को मंजूर करते हुए हरियाणा की सभी प्रोपराइटर फर्म को बड़ी राहत दी है।
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