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चंडीगढ़ में कांग्रेस भवन समेत 34 संस्थानों को भेजा गया प्रॉपर्टी टैक्स का नोटिस, विशेष शिविर खत्म

Thu, 15 Aug 2019 01:36 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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चंडीगढ़ नगर निगम ने प्रॉपर्टी टैक्स जमा न करने वाले संस्थानों को फिर से नोटिस भेजना शुरू कर दिया है। पिछले सप्ताह नगर निगम ने 34 संस्थानों को नोटिस जारी किए थे जिसमें सेक्टर 35 स्थित कांग्रेस भवन सहित कई प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान शामिल हैं। वहीं सेक्टर 31 ए स्थित आर्कलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया को भी निगम से नोटिस जारी कर दिया है। निगम ने स्पष्ट कर दिया है कि समय सीमा में प्रॉपर्टी टैक्स जमा न कराने वाले संस्थानों को सील करने की कार्रवाई की जाएगी। 9 अगस्त तक नगर निगम ने विशेष अभियान चलाने के बाद फिर से नोटिस भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी है। पहली लिस्ट में नगर निगम ने कुछ बड़े बकायेदारों को शामिल किया है।
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सेक्टर 25 स्थित शिक्षण संस्थान सहित कांग्रेस भवन, सेक्टर 18 डी स्थित सेंट थॉमस स्कूल, सेक्टर 15 सी स्थित केरोसिन पंप, सेक्टर 20 सी स्थित वाल्मीकि भवन, सेक्टर 19 ए स्थित सनातन भवन मंदिर, सेक्टर 17 स्थित एसबीआई के एलएचओ ऑफिस, सेक्टर 28 बी स्थित सनातन धर्म मंदिर, सेक्टर 30 बी स्थित शॉप, सेक्टर 33 डी स्थित मंदिर की चार दुकानों, मनीमाजरा स्थित प्राइमरी गैस एजेंसी, फरीद गैस एजेंसी, हल्लोमाजरा स्थित प्रणाम गैस एजेंसी, सनराइज गैस की दोनों एजेंसी, मनीमाजरा स्थित डार्गोन गैस एजेंसी, सेक्टर 16 स्थित शांति कुंज की कैंटीन, सेक्टर 7 बी स्थित डेंटल क्लीनिक व फीजियोथेरेपी, सेक्टर 6 स्थित सीजीए गोल्फ रेंज, सेक्टर 25 स्थित एक समाचार पत्र, सेक्टर 27 बी स्थित स्टैंडर्ड संस्थान, सेक्टर 33 ए स्थित संगठन जोनल इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन, सेक्टर 36 स्थित सोरेम स्कूल फोर स्पेशल चिल्ड्रन, सेक्टर 46 ए स्थित नॉर्र्थिज इंटरनेशनल स्कूल, सेक्टर 47 सी स्थित ग्रीन कास्टल स्कूल, सेक्टर 47 डी स्थित पर्सन विथ इंटलैक्चुअल डिसबेलिटी को नगर निगम ने नोटिस जारी किया है।

इन पर है बकाया है लगभग चार करोड़ रुपये
इन सभी संस्थानों पर नगर निगम के लगभग 4 करोड़ रुपये बकाया है। नगर निगम के अधिकारियों का कहना है सभी संस्थानों को मौका दिया गया था अपनी समस्याओं के समाधान के लिए, लेकिन कोई सामने नहीं आया। अब नोटिस जारी कर सभी को अंतिम चेतावनी दी जा रही है।
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शिविर में लोगों ने नहीं ली थी रुचि

नगर निगम ने प्रॉपर्टी टैक्स को ऑनलाइन करने के लिए तैयारियां शुरू की थीं। बाद में पता चला कि वर्ष 2003 के बाद से नगर निगम के पास प्रॉपर्टी टैक्स का डाटा ही नहीं है। जिन लोगों के प्रॉपर्टी टैक्स संबंधी दस्तावेज नहीं मिले निगम ने उन्हें नोटिस जारी कर दिया। उसके बाद निगम में लोगों की लंबी कतारेें लगने लगीं।

लोगों का कहना था कि प्रॉपर्टी टैक्स भरने के बावजूद हमें नोटिस जारी किए गए हैं। लोगों की समस्याओं को ध्यान में रखकर एडिशनल कमिश्नर-3 ने 31 मई तक करंट ईयर का टैक्स जमा करने को कहा। पिछले टैक्स संबंधी समस्याओं को एक महीने तक विशेष शिविर में हल करने का आश्वासन दिया, लेकिन लोगों ने शिविर में कोई रुचि नहीं ली। उसके बाद निगम ने भी लगातार 10 हजार से ज्यादा लोगों को फिर से नोटिस जारी कर दिए।

सदन में उठा था मुद्दा तो कमिश्नर ने दिया था आश्वासन
प्रॉपर्टी टैक्स संबंधी समस्याओं को लेकर पार्षदों ने सदन की बैठक में काफी हंगामा किया था। पार्षदों ने कहा कि निगम की लापरवाही से लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। उसके बाद कमिश्नर केके यादव ने आश्वासन दिया कि सेक्टर के हिसाब से लोगों को निगम में बुलाकर समस्या का समाधान कराया जाएगा। जब शिविर शुरू हुआ तो निगम के कर्मचारी क्षेत्र के पार्षदों और आरडब्ल्यूए के सदस्यों को भी लगातार फोन कर लोगों की समस्याओं को निगम में लाने की अपील कर रहे हैं, लेकिन अब कोई रुचि नहीं ले रहा।

जिन लोगों का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है, उन्हें मौका दिया था। जो लोग समय से पहुंचे उनका समाधान किया। अब हमारे पास डाटा पूरा है। इसलिए बकायेदारों को नोटिस भेज रहे हैं।
- अनिल गर्ग, एडिशनल कमिश्नर 3
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