एमडीसी व पॉश सेक्टरों में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी, प्राइम लोकेशन और कॉर्नर प्लॉट पर अतिरिक्त मार
प्रशासन ने लोगों से 31 मार्च सुबह 10:30 बजे तक मांगी आपत्तियां
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। पंचकूला में एक अप्रैल से प्रापर्टी खरीदना आम आदमी की जेब पर भारी पड़ने वाला है। जिला प्रशासन ने वर्ष 2026 के लिए नए कलेक्टर रेट जारी किए हैं, जिनमें 15 से 75 फीसदी तक की भारी बढ़ोतरी प्रस्तावित है। इस फैसले से रिहायशी और काॅमर्शियल दोनों प्रकार की संपत्तियों की रजिस्ट्री महंगी हो जाएगी। खासतौर पर एमडीसी और पॉश सेक्टरों में इसका सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा।
प्रशासन के अनुसार नए कलेक्टर रेट लागू होने से न केवल शहरी बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी जमीन की कीमतों में उछाल आएगा। सेक्टरों में रेट वर्ग मीटर के हिसाब से तय किए गए हैं जबकि ग्रामीण व सकेतड़ी जैसे क्षेत्रों में दरें मरला या एकड़ के आधार पर निर्धारित की गई है। प्रशासन ने लोगों से 31 मार्च सुबह 10:30 बजे तक आपत्तियां मांगी हैं जिसके बाद इन दरों को अंतिम रूप दिया जाएगा।
एमडीसी (मनोली डेवलपमेंट कॉम्प्लेक्स) क्षेत्र में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी प्रस्तावित है। सेक्टर-4, 5 और 6 में रिहायशी प्लॉटों के रेट में 75 फीसदी की सीधी वृद्धि की गई है। यहां पुराना रेट 99,000 रुपये प्रति वर्ग मीटर था, जिसे बढ़ाकर 1,73,250 रुपये किया जा सकता है। इसी तरह सेक्टर-10 और 11 में करीब 60 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ नया रेट 1.44 लाख रुपये प्रति वर्ग मीटर तक पहुंचने का अनुमान है।
प्राइम लोकेशन और कॉर्नर प्लॉट पर भी अतिरिक्त बोझ डाला गया है। सेक्टर-6 से 9 के बीच मुख्य सड़कों (ए-रोड) और कॉर्नर प्लॉटों के रेट में 75 फीसदी तक उछाल प्रस्तावित है। इन क्षेत्रों में अब सरकारी दरें करीब 1.89 लाख रुपये प्रति वर्ग मीटर तक पहुंच सकती हैं, जिससे यहां संपत्ति खरीदना और महंगा हो जाएगा। नए कलेक्टर रेट लागू होने के बाद रजिस्ट्री शुल्क में भी सीधा इजाफा होगा, क्योंकि रजिस्ट्री इन्हीं दरों के आधार पर की जाती है। ऐसे में घर बनाना, दुकान खोलना या निवेश के लिए जमीन खरीदने की योजना बना रहे लोगों को अब पहले से अधिक बजट तैयार करना होगा।
पॉश सेक्टरों में 60 फीसदी तक वृद्धि प्रस्तावित
अन्य पॉश सेक्टरों में भी बढ़ोतरी कम नहीं है। सेक्टर-2, 4, 15, 16, 17 और 18 में 60 फीसदी तक वृद्धि प्रस्तावित है, जिससे यहां रेट करीब 1,12,320 रुपये प्रति वर्ग मीटर तक पहुंच सकते हैं। वहीं मध्यम वर्गीय सेक्टरों जैसे सेक्टर-23 से 26 में 45 फीसदी तक बढ़ोतरी की तैयारी है, जिससे यहां का रेट 81,432 रुपये प्रति वर्ग मीटर तक जा सकता है। सेक्टर-27, 28 और 31 में भी इसी अनुपात में बढ़ोतरी कर रेट 68,208 रुपये प्रति वर्ग मीटर प्रस्तावित है।
व्यापारिक प्रतिष्ठान खोलना और महंगा होगा
काॅमर्शियल संपत्तियों पर भी इसका सीधा असर पड़ेगा। सेक्टर-19, 23, 24, 25 और 26 जैसे व्यावसायिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में काॅमर्शियल बूथों के रेट 4.26 लाख रुपये प्रति वर्ग मीटर तक पहुंच सकते हैं। इससे व्यापारियों के लिए नए प्रतिष्ठान खोलना और महंगा हो जाएगा। कमजोर आय वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लिए आरक्षित सेक्टर-19, 27 और 28 में भी 75 फीसदी तक बढ़ोतरी प्रस्तावित है। यहां रेट 41,160 रुपये प्रति वर्ग मीटर तक पहुंच सकता है, जिससे इस वर्ग पर भी आर्थिक बोझ बढ़ेगा।