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Panchkula News: उम्रकैद और संपत्ति तक जब्त हो सकती है, फिर भी जिले में हो रही अफीम की खेती

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संवाद न्यूज एजेंसी पंचकूला। अफीम की खेती करने या इससे किसी भी प्रकार का लाभ लेने पर उम्रकैद तक की सजा या चल-अचल संपत्ति तक जब्त हो सकती है, इसके बावजूद जिले में लोग अवैध रूप से अफीम की खेती से जुड़े हुए हैं। दो माह में तीन जगह अफीम की खेती के मामले सामने आने के बाद नारकोटिक्स सेल और सीएम उड़नदस्ता सक्रिय हो गया है। तीन मामलों में एक आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है जबकि दो मामलों में पिता-पुत्र समेत तीन आरोपी अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। इस मामले में पुलिस का कहना है कि जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। जिले में मोरनी, कालका, बरवाला, पिंजौर समेत अन्य जगह पर अफीम की संभावित खेती से इन्कार नहीं किया जा सकता है। पुलिस का कहना है कि अनेक जगह फार्म हाउस और दूर दराज के क्षेत्र हैं, जहां गस्त करना संभव नहीं है। वहां ग्रामीण स्तर पर संपर्क बनाकर जानकारी ली जा रही है। सूत्रों की माने तो मोरनी, कालका में अफीम की खेती की जाती है। खासकर गेंहू आदि फसलों के बीच खाली भूमि पर अफीम उगाई जा रही है। पैदावार हो जाने पर इसको इस्तेमाल किया जाता है।
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प्रतिबंधित है अफीम की खेती
हरियाणा में अफीम की खेती पर प्रतिबंधित है। इसके पौधे से अफीम, चूरापोस्त सहित कई तरह के नशीले पदार्थ भी तैयार होते हैं। हालांकि इसका खसखस दवाइयों के तौर पर इस्तेमाल होता है। अफीम की खेती करने वालों पर सरकार ने कड़े दंड का प्रावधान किया है। वरिष्ठ एडवोकेट मनोज गौड़ का कहना है कि इसकी खेती करने वालों पर 14 वर्ष की सजा और एक लाख के जुर्माना का प्रावधान है। इसमें सहायता करने या आर्थिक मदद पहुंचाने वाले पर भी सजा और जुर्माना का प्रावधान है। अफीम की खेती करने, उत्पादन करने, तैयार करने, अधिकार में रखने, संग्रह क्रय-विक्रय या परिवहन करने वालों पर 10 से 20 वर्ष तक सश्रम कारावास और दो लाख रुपये आर्थिक दंड लग सकता है। अगर कोई अफीम से आर्थिक लाभ प्राप्त करने का दोषी पाया जाता है तो उसकी चल और अंचल संपत्ति जब्त की जा सकती है।


तीन आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर
6 मार्च को सीएम फ्लाइंग की टीम ने मोरनी के गांव थाना में अफीम की खेती पकड़ी थी। सीएम फ्लाइंग की टीम ने कुल 2430 पौधे बरामद किए थे, उनका वजन 135.200 किलोग्राम था। पुलिस ने आरोपी कमल के खिलाफ मामला दर्ज किया था। लेकिन वह अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
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- कालका स्थित टिपरा गांव निवासी एक व्यक्ति ने अपने घर के आंगन में सब्जी के बीच अफीम की खेती की हुई थी। जैसे ही इसकी जानकारी एंटी नारकोटिक्स सेल की टीम को लगी तो उन्होंने घर पर छापा मारा। पुलिस को मौके से 788 अफीम के पौधे बरादम हुए थे। पुलिस ने आरोपी महिपाल के खिलाफ कालका थाना में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया था।


- रामगढ़ के समीप पिता-पुत्र गेहूं की खेती की आड़ में अफीम की खेती कर रहे थे। गुप्त सूचना पर चंडीमंदिर पुलिस ने छापा मारा और 128 पौधे अफीम के बरामद किए। पुलिस की छापे की सूचना मिलते ही आरोपी पिता-पुत्र फरार हो गए। चंडीमंदिर थाना पुलिस एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच में जुट गई है। आरोपी बुंगा निवासी कृष्ण और उसका बेटा दीप्पी दोनों फरार है।

आरोपियों की तलाश में छापा मारा जा रहा है। वर्तमान में जो लोग पकड़े गए हैं, वे अपने इस्तेमाल के लिए इसकी खेती करते नजर आ रहे हैं। जल्द ही तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। - ललित शर्मा, एसएचओ, चंडीमंदिर थाना
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