चंडीगढ़। आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार और सांसद भगवंत मान ने केंद्र सरकार से यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों को जल्द से जल्द वापस लाने की अपील की है। मान ने कहा कि केंद्र सरकार के ढुलमुल रवैये और निकालने की प्रक्रिया देर से शुरू करने की भारी कीमत भारतीय छात्रों को चुकानी पड़ रही है। अभी भारतीय छात्रों का ज्यादा दिनों तक यूक्रेन में रहना बेहद जोखिम भरा होगा, क्योंकि यूएनएससी में भारत के रुख का सीधा असर यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों पर पड़ रहा है।
भगवंत मान ने कहा कि मंगलवार को जारी की गई एडवाइजरी में भारत सरकार ने छात्रों से कहा कि वे जितना जल्द हो सके कीव छोड़ दें, लेकिन बॉर्डर तक छात्रों को पहुंचने के लिए न तो कोई साधन उपलब्ध कराए गए और न ही कोई उपाय बताए गए हैं। यूक्रेन के पूर्वी हिस्सों में भारी गोलाबारी हो रही है, लेकिन केंद्र सरकार छात्रों को वहां से निकलने का कोई ठोस रास्ता नहीं बता रही है। मान ने कहा जैसे-जैसे समय बीतता जा रहा है, वहां फंसे छात्रों के माता-पिता की चिंता बढ़ती जा रही है।
मान ने कहा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि शिक्षा माफिया के कारण हमारे बच्चे अपने घर छोड़कर विदेशों में पढ़ने के लिए मजबूर हैं। इसी कारण आज वे युद्धग्रस्त देश में फंस गए हैं। भगवंत मान ने केंद्र सरकार से अपील की कि युद्ध के कारण डिग्री पूरी किए बिना वापस आने वाले छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए एक कमेटी बनाई जाए और उन्हें भारत में ही डिग्री पूरी करने की उचित व्यवस्था की जाए।