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Panchkula News: आरटीई नियमों में खामियों पर स्कूलों की जांच शुरू

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एमआईएस पोर्टल पर ईडब्ल्यूएस दाखिलों में मिली गड़बड़ियों के बाद 5 सदस्यीय कमेटी गठित
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करीब आधा दर्जन निजी स्कूलों का पोर्टल ब्लॉक
फिजिकल वेरिफिकेशन के बाद निदेशालय को भेजी जाएगी रिपोर्ट
खामियां मिलने पर जुर्माना और गंभीर मामलों में मान्यता रद्द करने की कार्रवाई संभव
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। जिले के निजी और सरकारी स्कूलों में शिक्षा का अधिकार (आरटीई) नियमों की जांच शुरू हो गई है। शिक्षा निदेशालय को एमआईएस पोर्टल पर ईडब्ल्यूएस दाखिलों से जुड़ी खामियां मिलने के बाद विभाग ने उप जिला शिक्षा अधिकारी के नेतृत्व में पांच सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है। कमेटी ने स्कूल प्रबंधनों से संबंधित दस्तावेज और जवाब मांगे हैं। जांच में आरटीई के तहत ईडब्ल्यूएस दाखिलों के अलावा स्कूल भवन की स्थिति, खेल मैदान की उपलब्धता और स्कूलों में बच्चों की वास्तविक संख्या का भी सत्यापन किया जाएगा। जांच के बाद रिपोर्ट शिक्षा निदेशालय को भेजी जाएगी, जिसके आधार पर जुर्माना और गंभीर अनियमितता मिलने पर मान्यता को लेकर कार्रवाई तय होगी।
जांच कमेटी सभी स्कूलों के दस्तावेजों की फिजिकल वेरिफिकेशन करेगी। विभाग के अनुसार जांच के दायरे में सात सीनियर सेकेंडरी, पांच मिडिल और दो प्राइमरी स्कूल शामिल हैं। कमेटी की रिपोर्ट शिक्षा निदेशालय को भेजी जाएगी। इसके बाद निदेशालय तय करेगा कि किन स्कूलों पर जुर्माना लगाया जाना है और किन मामलों में मान्यता के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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कमियां दूर करने के बाद ही पोर्टल होगा अनब्लॉक
शिक्षा विभाग की ओर से आरटीई के तहत ईडब्ल्यूएस के लिए 25 प्रतिशत आरक्षित सीटों के ब्यौरे में खामियां पाए जाने पर करीब आधा दर्जन निजी स्कूलों के एमआईएस पोर्टल ब्लॉक किए गए हैं। विभाग के अनुसार जुर्माना जमा करने और कमियां दूर करने के बाद ही संबंधित स्कूलों का पोर्टल अनब्लॉक किया जाएगा। इसके बाद नए दाखिले शुरू हो सकेंगे।

बच्चों की वास्तविक संख्या भी जांची जाएगी
पांच सदस्यीय कमेटी स्कूलों में आरटीई दाखिलों के रिकॉर्ड के साथ भवन की स्थिति, खेल मैदान की उपलब्धता और विद्यार्थियों की वास्तविक संख्या का भी सत्यापन करेगी। अधिकारियों के अनुसार जांच पूरी होने के बाद ही अनियमितताओं की स्थिति स्पष्ट होगी और संबंधित स्कूलों पर कार्रवाई तय की जाएगी।
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कोट
शिक्षा विभाग का लक्ष्य है कि एक भी बच्चा बिना पढ़ाई के न रहे। स्कूल प्रबंधनों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों का दाखिला तय नियमों के तहत अवश्य करें। इसी के लिए स्कूलों में आरटीई के तहत हुए दाखिलों की जांच शुरू की गई है।
-सुमन चौधरी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, पंचकूला
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