उन्होंने कहा कि लॉकडाउन अवधि के दौरान कच्चे माल और तैयार पक्के माल की आवाजाही की अनुमति दी जाएगी, परंतु लोगों की आवाजाही सीमित ही रहेगी। जिस क्षेत्र में लॉकडाउन के दौरान पास जारी किए जाएंगे। वहां पासधारक को कुछ सावधानियां बरतनी होंगी और अपने मुंह पर हमेशा मास्क लगाकर रखना होगा।
उन्होंने कहा कि मास्क को अब हमें अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे संकट के समय आवश्यक वस्तुओं की कालाबजारी को रोकने के लिए प्रशासन और जनता को स्वयं जागरूक होना होगा। यदि जनता को कालाबाजारी की जानकारी मिलती है तो वे प्रशासन के संज्ञान में लाएं।
बैंकों में बढ़ सकती है भीड़
उन्होंने कहा कि लॉकडाउन अवधि में बैंक भी ऐसे स्थल हैं जहां पर लोगों की भीड़ एकत्रित होने की संभावना होती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जन-धन योजना के तहत लाभार्थी महिलाओं के खाते में 500-500 रुपये तथा प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना के 2000 रुपये की किस्त भी लाभार्थी किसानों के खाते में डाल दी गई है।
अब लोग बैंकों में राशि निकालने के लिए आएंगे, इसलिए बैंकर्स से अनुरोध किया गया है कि वे ऐसी व्यवस्था करें कि उपभोक्ताओं को एसएमएस तथा उनके टोकन की जानकारी बैंक में आने से पूर्व दी जाए ताकि वे बैंकों में कम से कम समय रहें और सामाजिक दूरी भी बनी रहे।
मुख्यमंत्री ने आरोग्य सेतु एप के बारे प्रदेश के लोगों को जानकारी देते हुए बताया कि कोई भी व्यक्ति अपने स्मार्टफोन पर आरोग्य सेतु एप डाउनलोड कर आस-पास के व्यक्तियों में इस बीमारी के यदि लक्षण हैं तो जानकारी प्राप्त कर सकता है। इसके अलावा, इसकी जानकारी स्वास्थ्य केंद्र को भी पहुंचेगी।
प्रवासी मजदूरों की मदद कटाई में ली जाए
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान की फसल पक कर तैयार हो गई, इसकी चिंता हम सबको है। सरकार ने किसानों की फसल को खरीदने की व्यवस्था की है। उन्होंने कहा कि फसल की कटाई के लिए मनरेगा व राहत कैंपों में रह रहे लगभग 17 हजार प्रवासी मजदूरों को लगाया जा सके, इसके लिए प्रबंध किए जा रहे हैं।
मनरेगा के मजदूरों की अनुमति के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखा था। अब बीडीपीओ को निर्देश दिए गए हैं कि अगर मनरेगा के मजदूर फसल कटाई का कार्य करते हैं तो उनकी दिहाड़ी समय पर दी जाए।
दो महीने तक फसल स्टॉक करनी पड़ सकती है
सीएम ने कहा कि किसानों को फसल कटाई के लिए स्वयं भी अपने परिवार के साथ पहल करनी होगी। मुख्यमंत्री ने किसानों को आश्वासन दिया कि उनकी फसल का एक-एक दाना खरीदा जाएगा, भले ही इसमें थोड़ा विलंब हो जाए, इसलिए किसानों को भी एक-दो महीने अपनी फसल को स्टॉक करने का मन बनाना होगा।
उन्होंने कहा कि फसल ऋणों की वापसी किसान बाद में करें, इसके लिए राज्य सरकार की ओर से फसल ऋणों पर दी जाने वाली 4 प्रतिशत की ब्याज दर में छूट देने का निर्णय लिया गया है।