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पंजाब कांग्रेस का संगठनात्मक ढांचा फिर खड़ा करने की तैयारी, नवजोत सिद्धू को मिल सकती है जगह

Tue, 28 Jul 2020 03:11 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला, चंडीगढ़
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Navjot Singh Sidhu
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पंजाब कांग्रेस का संगठनात्मक ढांचा फिर से खड़ा करने की कवायद शुरू हो गई है। पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष सुनील जाखड़ ने प्रदेश इकाई के विभिन्न ओहदों के लिए नामों की सूची पार्टी आलाकमान को भेज दी है, जिस पर हरी झंडी मिलने के बाद प्रदेश कांग्रेस का संगठन एक बार फिर सक्रिय हो जाएगा। दो दिन पहले ही कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी आशा कुमारी ने भी संकेत दिए थे कि प्रदेश संगठन का जल्द ही एलान किया जाएगा।
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पता चला है कि सुनील जाखड़ ने आशा कुमारी और कैप्टन अमरिंदर सिंह से विचार-विमर्श के बाद ओहदेदारों की सूची को अंतिम रूप दिया और यह सूची अब आलाकमान के पास पहुंच चुकी है। खास बात यह है कि कैप्टन से मनमुटाव के चलते पिछले साल जुलाई में कैबिनेट मंत्री की कुर्सी छोड़ चुके नवजोत सिंह सिद्धू को भी सूची में शामिल किया गया है, लेकिन राज्य इकाई में उनके पद के बारे में साफ नहीं हो सका।

उधर, आलाकमान राज्य इकाई के लिए सिद्धू के नाम पर सहमति देगा, इसे लेकर संशय है। दरअसल, 13 महीने से सक्रिय राजनीति से दूरी बनाकर चल रहे सिद्धू को अब तक आलाकमान की तरफ से राष्ट्रीय राजनीति में आने की पेशकश होती रही है, वहीं सिद्धू इसी बात पर अड़े हैं कि वे पंजाब छोड़कर कहीं नहीं जाएंगे।
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पिछले साल सिद्धू और कैप्टन की बीच कई महीने चली खींचतान के दौरान आलाकमान ने हालांकि कैप्टन का साथ दिया था, लेकिन राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने नवजोत सिद्धू को भी राष्ट्रीय राजनीति में लाने का भरोसा दिलाया था। माना जाता रहा है कि उसके बाद ही सिद्धू ने कैप्टन की कैबिनेट छोड़ते हुए सियासी तौर पर खामोशी साध ली थी।

हाल ही में सिद्धू को पंजाब का उपमुख्यमंत्री या इसके समकक्ष कोई पद दिए जाने की खबरें भी सुर्खियों में रहीं, लेकिन इन खबरों की पुष्टि या खंडन कभी नहीं हुआ। सिद्धू अब एक बार फिर चर्चा में हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि आलाकमान सिद्धू को राज्य इकाई में शामिल नहीं करेगा और उन्हें पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में शामिल किया जाएगा।
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इसका एक मुख्य कारण यह भी है कि सिद्धू के प्रदेश की राजनीति में सक्रिय होने से पंजाब कांग्रेस में ही घमासान मच सकता है।
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