कालका। बिजली संकट को लेकर कालका विधायक प्रदीप चौधरी ने पत्रकार वार्ता करके इसे सरकार की नाकामी बताया है। उन्होंने कहा कि इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है, जबकि सरकार को बिजली संकट से निपटने के लिए पहले से तैयारी रखनी चाहिए थी। लेकिन सरकार निजी कंपनियों की कठपुतली बनकर काम करती रही। आज कंपनियां महंगी बिजली का दबाव बना रही हैं।
बिजली की किल्लत के कारण लोग पीने के पानी, व्यावसायिक, दुकानदार, उद्योगपति सभी परेशान हैं और सबसे ज्यादा बिजली कटौती की मार किसान झेल रहे हैं। जिनकी फसलें बर्बाद हो रही हैं। आने वाले समय में हरे पशु चारे का संकट भी झेलना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि आम आदमी जिसके पास इन्वर्टर तक नहीं है, वो कैसे भारी बिजली कटौती में अपने परिवार को भीषण गर्मी से बचा रहा है। यह वो ही जानता है।
इसके अलावा बच्चों की शिक्षा भी प्रभावित हो रही है। इसलिए सरकार की नीतियां सही नही है। बिजली की कमी के कारण पीने के पानी का संकट पैदा हो रहा है। पिंजौर-कालका में पहले ही पानी की किल्लत आ रही थी। लेकिन अब समस्या काफी बढ़ गई है। दुकानदारों दूध डायरियों में बिजली नही होने पर सामान खराब हो रहा है। इंडस्ट्री में भी कट लगाने का पहली बार काम हो रहा है। बिजली संकट जल्द दूर नहीं हुआ तो कांग्रेस पार्टी जल्द ही रणनीति बनाकर सड़कों पर जनहित में उतरने का काम करेगी। विधायक ने अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की।
इस अवसर पर अजय सिंगला, सुशील गर्ग, पवन कुमारी, हरभजन सिंह, हर्ष चड्डा, नरेश मान, नवदीप शर्मा, माया देवी, कृष्णा देवी, सुरेंद्र चौहान, कबीर नंदा, महेश शर्मा, जीत ठाकुर, महिन्द, गुरमेल सिंह, सचिन शर्मा सहित अन्य भी मौजूद थे।