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Panchkula News: आलू उत्पादकों को नुकसान, करार से कम दाम पर बेचने को मजबूर

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काॅन्ट्रैक्ट फार्मिंग के तहत बीज भी महंगा बेचा था, अब करार में तय दाम पर नहीं हो रही खरीद
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सरकार से हस्तक्षेप की मांग करते हुए भाकियू ने दी आंदोलन की चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब में आलू उत्पादकों को नुकसान झेलना पड़ रहा है। काॅन्ट्रैक्ट फार्मिंग के तहत कंपनियों के साथ हुए करार में आलू खरीद के जो भाव तय किए गए थे, वे आलू उत्पादकों को नहीं दिए जा रहे हैं। भारतीय किसान यूनियन ने इस मामले में पंजाब सरकार से संबंधित कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
भारतीय किसान यूनियन लखोवाल के प्रदेशाध्यक्ष हरिंदर सिंह लखोवाल ने बताया कि पंजाब में किसानों से आलू खरीदने के लिए कई कंपनियों ने किसानों से आलू उगाने का कॉन्ट्रैक्ट किया था। उन्हें आलू के बीज भी 25 रुपये प्रति किलो महंगे दाम पर दिए गए थे। किसानों से 12 रुपये प्रति किलो आलू खरीदने का करार किया गया था। अब वही कंपनियां अपने करार से भाग रही हैं।
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प्रदेशाध्यक्ष ने बताया कि संबंधित कंपनियां वही आलू अपने बाहरी लोगों के जरिये 4 से 5 रुपये प्रति किलो खरीद रही हैं। इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है क्योंकि इस बार आलू की फसल अपेक्षाकृत ज्यादा हुई है। फरवरी और मार्च में थ्रेसिंग के बाद आलू को स्टोर करना होता है। किसान इसे अपने घरों में नहीं रख सकते, लिहाजा उन्हें आलू बेचना पड़ता है लेकिन कंपनियों द्वारा तय दाम पर आलू खरीद में आनाकानी से किसानों को बाहर सस्ते दाम पर आलू बेचना पड़ रहा है।
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भाकियू ने सरकार ने मांग की है कि वे करार से भाग रही कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई करे और सरकारी एजेंसी मार्कफेड के जरिये आलू की तुरंत खरीद करवाए। नहीं तो किसान आलू सड़कों पर फेंकने को मजबूर होंगे। संबंधित कंपनियों पर भी सरकार को काॅन्ट्रैक्ट फार्मिंग के तहत दबाव बनाना चाहिए। ऐसा न होने पर भाकियू ने आंदोलन की भी चेतावनी दी है।
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