पंचकूला। इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 में बुनियादी सुविधाओं की बदहाली अब उद्योगों के संचालन और विकास में बड़ी बाधा बनती जा रही है। प्लॉट नंबर 263 से 279 तक की सड़कों की हालत बेहद खराब हो चुकी है। जगह-जगह गहरे गड्ढे, टूटी सड़कें और उपेक्षित पार्क न केवल दुर्घटनाओं को न्योता दे रहे हैं, बल्कि उद्योगों की कार्यक्षमता और शहर की औद्योगिक छवि को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। हर साल भारी-भरकम टैक्स चुकाने के बावजूद उन्हें मूलभूत सुविधाएं तक नहीं मिल पा रही हैं।
उद्योगपतियों ने बताया कि हुड्डा, पीएमडीए, नगर निगम और पंचकूला विकास प्राधिकरण को कई बार पत्र लिखकर समस्याओं से अवगत कराया गया, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। बरसात के मौसम में हालात और गंभीर हो जाते हैं। सड़कों पर पानी भरने से माल ढुलाई, कर्मचारियों की आवाजाही और कच्चे माल की आपूर्ति बाधित होती है, जिससे उद्योगों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उद्योगपतियों ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 की सड़कों की तुरंत मरम्मत करवाई जाए, पार्कों का सौंदर्यीकरण हो और नियमित रखरखाव की ठोस व्यवस्था की जाए, ताकि उद्योगों को बेहतर माहौल मिल सके और पंचकूला का औद्योगिक विकास प्रभावित न हो।
सड़कों में इतने गड्ढे हैं कि हर दिन वाहन खराब हो रहे हैं। टैक्स तो समय पर लिया जाता है लेकिन सुविधाएं न के बराबर हैं।- उद्योगपति मनीष बंसल फार्मा कारोबारी
जब बाहर से कोई उद्योगपति या ग्राहक हमारे यहां आता है तो बहुत शर्मिंदगी महसूस होती है। इंडस्ट्रियल एरिया की हालत देखकर पंचकूला की छवि खराब होती है।- उद्योगपति मुकेश बंसल आटोमोबाइल कारोबारी
पार्कों की हालत इतनी खराब है कि वहां बैठना तो दूर, खड़ा होना भी मुश्किल है। साफ-सफाई और रखरखाव पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा।-उद्योगपति पंकज कपूर
सरकार और संबंधित विभाग इस ओर बिल्कुल ध्यान नहीं दे रहे हैं। अगर जल्द सुधार नहीं हुआ तो उद्योगों का यहां टिके रहना मुश्किल हो जाएगा।- उद्योगपति राकेश गर्ग बिट्टू