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पॉली क्लीनिक : नेत्र रोग विशेषज्ञ का अभाव, एक्स-रे रूम तक पहुंचने में लोगों को होती है दिक्कत

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संवाद न्यूज एजेंसी
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पंचकूला। सेक्टर-26 के पॉली क्लीनिक में एक जून से नेत्र रोग विशेषज्ञ नहीं है। उपचार के लिए पहुंचने वाले मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पॉली क्लीनिक में एक्स-रे रूम पहली मंजिल पर बनाया गया है। यहां तक पहुंचने में बुजुर्ग, घायल और गर्भवती महिलाओं को काफी असुविधा होती है। इसके अलावा सामान्य वार्ड में ही ईसीजी भी की जा रही है। आरडब्ल्यूए ने इन समस्याओं के बारे में स्वास्थ्य मंत्री और सीएमओ डॉ. मुक्ता कुमार को भी पत्र लिखा है। घग्गर पार बसे ज्यादातर सेक्टर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए सेक्टर-26 के पॉली क्लीनिक पर ही निर्भर हैं। हर रोज करीब 350 से 400 लोग ओपीडी में उपचार के लिए आते हैं। मगर यहां पर व्यवस्थाओं में कमी के कारण लोगों को काफी परेशानी होती है। पॉली क्लीनिक में एक्सरे की सुविधा तो है, मगर वह प्रथम तल पर लगाई गई है। बुजुर्गों को अगर एक्सरे कराना पड़े तो उन्हें काफी परेशानी होती है। घायलों को व्हील चेयर और स्ट्रेचर पर लेकर जाना पड़ता है। प्रथम तल तक स्ट्रेचर या व्हील चेयर को धकेलने में तीमारदारों की सांस फूल जाती है।
एक जून से नहीं नेत्र रोग विशेषज्ञ
पॉली क्लीनिक में नेत्र रोग विशेषज्ञ सप्ताह में दो दिन सेक्टर-6 से पहुंचकर ओपीडी लेते थे। मगर अब एक जून से यहां कोई भी नेत्र रोग विशेषज्ञ नहीं पहुंच रहा है। आंखों से जुड़ी बीमारियों का उपचार कराने के लिए लोगों को सेक्टर-6 जाना पड़ रहा है।
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ईसीजी कराने में होती है असहजता
ईसीजी के लिए अलग से कोई कमरा नहीं बनाया गया है। सामान्य वार्ड में अन्य मरीजों के बीच ही ईसीजी की जाती है। सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं को होती है। ईसीजी के लिए जब कपड़ों को हटाया जाता है, तो महिलाएं बहुत ही असहज हो जाती हैं। स्वास्थ्य मंत्री और सीएमओ को भेजी शिकायत में आरडब्ल्यूए ने बताया कि पॉली क्लीनिक में डेंटल एक्सरे की सुविधा नहीं है। 24 घंटे चिकित्सक भी पॉली क्लीनिक में तैनात नहीं रहते हैं। लोगों को समय पर और पर्याप्त दवा भी पॉली क्लीनिक में नहीं मिल पाती है। इससे मरीजों को काफी परेशानी होती है।
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पॉली क्लीनिक का ढांचा इस तरह का बनाया गया है कि एक्सरे का रूम पहली मंजिल पर है। मरीजों के लिए स्ट्रेचर और व्हीलचेयर की व्यवस्था की गई है। नेत्र रोग विशेषज्ञ के लिए विभाग को लिखा गया है। जो भी समस्याएं हैं, उनके समाधान का प्रयास किया जा रहा है। - डॉ. रितु, एसएमओ, पॉली क्लीनिक सेक्टर-26
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